माफी मांगे प्रशासन... दो शर्तों पर अड़े अविमुक्तेश्वरानंद, माघी पूर्णिमा स्नान में नया मोड़

प्रयागराज के माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के सम्मानजनक स्नान को लेकर विवाद गरमा गया है. शंकराचार्य खेमा दावा कर रहा है कि प्रशासन ने उनसे संपर्क किया था, लेकिन अधिकारी इसे खारिज कर रहे हैं.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

उत्तर प्रदेश: प्रयागराज माघ मेले से जुड़ा शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है. माघ पूर्णिमा पर उन्हें दोबारा पूरे सम्मान के साथ स्नान कराने को लेकर प्रयागराज प्रशासन ने किसी भी तरह की पहल से साफ इनकार कर दिया है. मौनी अमावस्या के दिन हुए विवाद के बाद प्रशासन और शंकराचार्य पक्ष के बीच बढ़ी दूरी अभी कम होती नजर नहीं आ रही है.
यह स्थिति उस वक्त और स्पष्ट हो गई, जब प्रशासनिक अधिकारियों ने उन खबरों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि बड़े अफसर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को दोबारा स्नान के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं. इससे पहले शंकराचार्य के जनसंपर्क अधिकारी ने प्रशासन की ओर से संपर्क साधे जाने का दावा किया था. प्रशासन ने दोबारा संपर्क से किया इनकार

प्रयागराज प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उनकी ओर से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को माघ पूर्णिमा पर स्नान के लिए मनाने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि मौनी अमावस्या पर हुए घटनाक्रम के बाद इस तरह की खबरें तथ्यहीन हैं और प्रशासन ने दोबारा कोई संवाद शुरू नहीं किया है.
शंकराचार्य पक्ष की कड़ी शर्तें

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के PRO के मुताबिक, यदि प्रशासन बातचीत करना चाहता है तो कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी. इनमें मौनी अमावस्या के दिन हुई अभद्रता के लिए लिखित माफी, मारपीट में शामिल पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई और चारों शंकराचार्यों के स्नान के लिए एक स्थायी SOP तैयार करना शामिल है. शंकराचार्य पक्ष का कहना है कि इन शर्तों के बिना किसी भी तरह का समझौता संभव नहीं है.

हाईकोर्ट पहुंचा मारपीट का मामला, CBI जांच की मांग

इस बीच 18 जनवरी को बटुकों के साथ हुई कथित मारपीट का मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है. इस संबंध में एक लेटर पिटीशन दाखिल की गई है, जिसमें मारपीट में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने, जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष CBI जांच कराने की मांग की गई है. याचिका दाखिल होते ही माघ मेले के दौरान प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है.

विवाद के बाद वाराणसी लौटे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

मौनी अमावस्या पर प्रयागराज माघ मेले में हुए विवाद के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती वाराणसी लौट गए थे. इसके बाद उन्होंने माघी पूर्णिमा के स्नान को लेकर प्रशासन के सामने दो प्रमुख शर्तें रखीं.पहली, मौनी अमावस्या के दिन हुई बदसलूकी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की लिखित माफी और दूसरी, चारों शंकराचार्यों के लिए स्नान का स्थायी प्रोटोकॉल तय किया जाना.

प्रशासन और शंकराचार्य पक्ष में टकराव बरकरार

शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी का कहना है कि यदि प्रशासन इन शर्तों को स्वीकार करता है, तो अधिकारी वाराणसी जाकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को मनाएंगे और उन्हें ससम्मान प्रयागराज लाकर स्नान कराया जाएगा. हालांकि, प्रयागराज प्रशासन ने ऐसी किसी भी कोशिश से इनकार करते हुए साफ कर दिया है कि फिलहाल दोबारा संपर्क का कोई सवाल नहीं है.

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