भारत के इतिहास का सबसे बड़ा व्यापार समझौता...ईयू के साथ ट्रेड डील समझौते के बाद बोले पीएम मोदी

भारत और यूरोपीय संघ ने ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर अंतिम रूप दिया. यह समझौता निवेश, व्यापार और सेवा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाएगा, किसानों और श्रमिकों के लिए नए अवसर खोलेगा और भारत-ईयू संबंधों में नए युग की शुरुआत करेगा.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्लीः भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने मंगलवार को एक महत्वाकांक्षी और ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर अंतिम रूप दिया. यह समझौता दोनों पक्षों के बीच अब तक का सबसे बड़ा व्यापार समझौता माना जा रहा है. वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव और अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच यह कदम खुला और नियम-आधारित वैश्विक व्यापार बनाए रखने का संदेश देता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर भारत-ईयू संबंधों के महत्व और एफटीए की रणनीतिक भूमिका पर जोर दिया.

प्रधानमंत्री मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह समय आ गया है कि भारत-ईयू साझेदारी को और अधिक व्यापक और समाजव्यापी रूप में विकसित किया जाए. उन्होंने कहा, “आज हमने एक विस्तृत मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया है.” मोदी ने बताया कि यूरोपीय संघ में भारतीय निवेश लगभग 40 अरब यूरो तक पहुंच चुका है, जबकि भारतीय और यूरोपीय कंपनियों के बीच सहयोग अनुसंधान, विकास, विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहा है.

किसानों और श्रमिकों के लिए नए अवसर

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस समझौते से भारत के श्रम-प्रधान क्षेत्रों को यूरोपीय बाजार में नई संभावनाएं मिलेंगी. वस्त्र, रत्न और आभूषण, ऑटोमोबाइल पुर्जे और इंजीनियरिंग उत्पादों की निर्यात प्रक्रिया सरल होगी. इसके साथ ही, फल, सब्जियां, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ और समुद्री उत्पादों के लिए नए बाजार खुलेंगे, जिससे किसानों और मछुआरों को सीधे लाभ मिलेगा.

सेवा क्षेत्र को भी मिलेगा लाभ

मोदी ने सेवा क्षेत्र, विशेषकर आईटी, शिक्षा, पारंपरिक चिकित्सा और व्यावसायिक सेवाओं में अवसरों पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि वैश्विक कंपनियों की रणनीतियों में बदलाव के समय यह समझौता एक स्पष्ट और सकारात्मक संकेत है. पीएम मोदी ने कहा, “यह मुक्त व्यापार समझौता वैश्विक व्यापार जगत के लिए भरोसे का संदेश देता है.”

भारत-ईयू संबंधों में नया युग

प्रधानमंत्री ने इस अवसर को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यूरोपीय परिषद और यूरोपीय आयोग के अध्यक्षों का दौरा केवल राजनयिक दृष्टि से नहीं, बल्कि भारत-ईयू संबंधों में एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है. उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपीय संघ के नेता पहली बार भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे.

व्यापार और निवेश में रिकॉर्ड वृद्धि

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि पिछले दस वर्षों में भारत-यूरोपीय संघ का व्यापार दोगुना होकर 180 अरब यूरो तक पहुंच गया है. भारत में 6,000 से अधिक यूरोपीय कंपनियां सक्रिय हैं और यूरोपीय निवेश 120 अरब यूरो से अधिक हो गया है. वहीं, यूरोपीय संघ में 1,500 भारतीय कंपनियां काम कर रही हैं.

साझा मूल्यों और मजबूत जन-संबंधों पर आधारित सहयोग

मोदी ने कहा कि यह बढ़ता तालमेल साझा मूल्यों, समान प्राथमिकताओं और मजबूत लोगों के बीच संबंधों पर आधारित है. उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के लोग खुले समाज और बाजार अर्थव्यवस्थाओं के रूप में एक प्राकृतिक जुड़ाव रखते हैं.

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