कोर्ट ने जिला कलेक्टर की कार जब्त करने के दिये आदेश, पढ़ें क्या है पूरा मामला 

वादी के वकील बाबूराव तिड़के ने बताया कि 1998 में वडवानी तहसील में सिंचाई परियोजना के लिए शिवाजी तोगे, संतोष तोगे और बाबू नामक किसानों से जमीन अधिग्रहित की गई थी।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

माजलगांव (महाराष्ट्र) की एक अदालत ने सिंचाई परियोजना के लिए अपनी जमीन देने वाले तीन किसानों को मुआवजा देने के लिए जिला कलेक्टर की कार जब्त करने का आदेश दिया। 

मुआवजा अपर्याप्त होने के कारण कोर्ट का खटखटाया दरवाजा

वकील बाबूराव तिड़के ने कहा, "उन्होंने माजलगांव अदालत का दरवाजा खटखटाया और दावा किया कि उन्हें दिया गया मुआवजा अपर्याप्त था।" न्यायालय ने 29 अक्टूबर 2015 के अपने आदेश में मुआवजा राशि बढ़ा दी थी। राशि का केवल आंशिक वितरण किया गया, जबकि प्रशासन को अभी भी कुल 29.50 लाख रुपये का भुगतान करना है।

"मैं इस मुद्दे पर बात नहीं कर सकता

उन्होंने बताया कि आज अदालत ने इस राशि की वसूली के लिए कलेक्टर की कार जब्त करने के आदेश दिए हैं। कार जब्त कर उसकी नीलामी का वारंट जारी कर दिया गया है। जब हम वारंट लेकर वहां गए तो कलेक्टर ने हमें कार की चाबियां सौंप दीं। इस संबंध में बीड के डिप्टी कलेक्टर शिव कुमार स्वामी ने कहा, "मैं इस मुद्दे पर बात नहीं कर सकता क्योंकि मेरा इससे कोई संबंध नहीं है।"

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag