सरकार नेहरू की विरासत को मिटाने की कोशिश कर रही... बिना नाम लिए सोनिया गांधी ने साधा बीजेपी पर निशाना
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने नेहरू सेंटर इंडिया कार्यक्रम में कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य पंडित जवाहरलाल नेहरू को बदनाम करना है. उन्होंने राजनाथ सिंह के हालिया बयान की भी आलोचना की और नेहरू की विरासत तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की अपील की.

नई दिल्लीः कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी ने बीजेपी पर बड़ा हमला बोला है. उनका कहना है कि आज की सरकार का प्रमुख लक्ष्य स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की छवि खराब करना है. वे आरोप लगाती हैं कि नेहरू के व्यक्तित्व और उनके योगदान को अपमानित, विकृत और बदनाम करने का सुनियोजित अभियान चलाया जा रहा है.
सोनिया गांधी जवाहर भवन में आयोजित नेहरू सेंटर इंडिया के शुभारंभ कार्यक्रम में बोल रही थीं, जहां उन्होंने नेहरू के प्रति हो रहे अन्याय पर गहरी चिंता व्यक्त की.
नेहरू की आलोचना करें, पर तथ्यों से छेड़छाड़ नहीं
अपने भाषण में सोनिया गांधी ने स्पष्ट किया कि किसी भी ऐतिहासिक व्यक्तित्व का विश्लेषण और आलोचना लोकतांत्रिक समाज का हिस्सा है और इसे रोका नहीं जाना चाहिए. लेकिन उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि नेहरू के लेखन, भाषणों और कथनों के साथ जानबूझकर छेड़छाड़ कर गलत व्याख्या पेश करना पूरी तरह अनुचित है.
उन्होंने कहा कि नेहरू के विचारों पर बहस हो सकती है, उनके फैसलों पर आलोचना भी हो सकती है, लेकिन तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना न केवल अनुचित है बल्कि इतिहास के प्रति भी असंवेदनशीलता है.
नेहरू के प्रभाव को मिटाना चाहती है बीजेपी
सोनिया गांधी ने सीधे तौर पर भाजपा या आरएसएस का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान स्पष्ट रूप से मौजूदा राजनीतिक माहौल की ओर इशारा कर रहे थे. उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार केवल नेहरू को इतिहास से हटाने की कोशिश नहीं कर रही, बल्कि भारत की उन मूलभूत सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक नींव को भी कमजोर कर रही है जो नेहरू के नेतृत्व में स्थापित हुई थीं.
उन्होंने कहा कि ये सिर्फ नेहरू को बदनाम करने का प्रयास नहीं है, बल्कि उस प्रगतिशील दृष्टि पर हमला है, जिसके आधार पर आधुनिक भारत की संरचना खड़ी है. सोनिया ने जोर देकर कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के मूल्य, लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और वैज्ञानिक सोच का विकास नेहरू के नेतृत्व की देन है. इन सिद्धांतों को कमज़ोर करना देश के भविष्य के लिए हानिकारक है.
राजनाथ सिंह की टिप्पणी पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया
सोनिया गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब कुछ दिनों पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दावा किया था कि पंडित नेहरू बाबरी मस्जिद के निर्माण के लिए सरकारी निधि का उपयोग करना चाहते थे, जिसे सरदार पटेल ने रोक दिया था. राजनाथ सिंह के इस बयान ने सियासी विवाद तेज कर दिया. कांग्रेस ने इसे नितांत झूठा बताते हुए कहा कि यह इतिहास को तोड़-मरोड़कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश है.
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि ऐसे दावे केवल समाज में ध्रुवीकरण फैलाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं. पार्टी ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े नेताओं को बार-बार राजनीतिक विवादों में घसीटना, उनकी विरासत को नीचा दिखाने की रणनीति का हिस्सा है.
नेहरू की विरासत की रक्षा की अपील
अपने संबोधन में सोनिया गांधी ने जनता और बुद्धिजीवियों से अपील की कि वे नेहरू के विचारों, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रनिर्माण में उनके योगदान के प्रति जागरूक रहें और इस विरासत को संरक्षित करने में भूमिका निभाएं. उन्होंने कहा कि नेहरू को उपेक्षित करना भारत की प्रगति, विविधता और संवैधानिक मूल्यों पर भी प्रहार होगा.


