सदी पार करने वालों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, जापान शीर्ष पर कायम

वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू की ताज़ा रिपोर्ट में यह दिलचस्प खुलासा हुआ है कि दुनिया भर में सौ वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों की तादाद लगातार बढ़ रही है. आइए जानते हैं जापान से लेकर भारत तक ये संख्या कितनी है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू की ताज़ा रिपोर्ट में यह दिलचस्प खुलासा हुआ है कि दुनिया भर में सौ वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों की तादाद लगातार बढ़ रही है. आंकड़ों के मुताबिक, जापान अब भी उन देशों की सूची में पहले स्थान पर है जहां सबसे ज़्यादा 100 साल या उससे अधिक उम्र के लोग रहते हैं. वहां ऐसे कुल 123,330 बुजुर्ग मौजूद हैं. 

इस सूची में अमेरिका दूसरे पायदान पर है, जहां 73,629 लोग एक सदी से अधिक आयु पार कर चुके हैं. तीसरा स्थान चीन और चौथा भारत को मिला है. रिपोर्ट बताती है कि चीन में सौ पार बुजुर्गों की संख्या 48,566 है, जबकि भारत में यह आंकड़ा 37,988 तक पहुंच चुका है.

टॉप पांच की सूची में फ्रांस पांचवें नंबर पर है, जहां लगभग 33,220 लोग 100 वर्ष से अधिक उम्र के हैं. ये आंकड़े इस ओर संकेत करते हैं कि विश्वव्यापी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, बेहतर पोषण, फिटनेस के प्रति जागरूकता और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता लोगों की उम्र को पहले के मुकाबले काफी बढ़ा रही है.

टॉप पांच देशों के बाहर की स्थिति

रिपोर्ट बताती है कि इन शीर्ष देशों के अलावा भी कई राष्ट्र ऐसे हैं जहां 100 साल से अधिक उम्र वाले व्यक्तियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इनमें इटली, रूस, जर्मनी, ब्रिटेन, स्पेन, थाईलैंड, कनाडा और दक्षिण कोरिया शामिल हैं. इन देशों में औसतन ऐसे बुजुर्गों की संख्या 11,000 से 23,000 के बीच पाई गई है.

पिछली एक दशक में हुई तेज़ वृद्धि

वैज्ञानिकों का कहना है कि दुनिया में 100 वर्ष से अधिक जीने वाले लोगों की आबादी पहले से कहीं तेज़ी से बढ़ रही है. पिछले 15 वर्षों में इनकी संख्या लगभग दोगुनी हो चुकी है. वर्ष 2009 में ऐसे लोगों की तादाद जहां करीब 4.55 लाख थी, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर लगभग 9.35 लाख पहुंच गई. शोधकर्ताओं के अनुसार यह बढ़ोतरी वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार, टीकाकरण, रोग नियंत्रण और फिटनेस-संबंधी जागरूकता का परिणाम है. हालांकि इससे स्वास्थ्य सेवाओं और पेंशन व्यवस्था पर दबाव भी बढ़ रहा है, मगर यही प्रवृत्ति उम्रदराज़ आबादी के स्वस्थ रहने का संकेत भी देती है.

लंबी उम्र की वजहें

जिन देशों में बुजुर्ग अधिक उम्र तक स्वस्थ रहते हैं, वहां आमतौर पर अनुशासित जीवनशैली, प्रिवेंटिव हेल्थकेयर और नियमित मेडिकल जांच पर विशेष ध्यान दिया जाता है. विशेष रूप से जापान का उदाहरण दिया जाता है, जहां पैदल चलने, पौष्टिक भोजन, सामाजिक जुड़ाव और मानसिक संतुलन को बढ़ावा देने वाली परंपराएं बेहद मजबूत हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल सुविधाओं और स्वस्थ आदतों का यह संयोजन ही लोगों की आयु बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

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