दिल्ली से अहमदाबाद पहुंचा था विमान, खराब कंडीशन में था विमान, सोशल मीडिया पर पैसेंजर ने किया ये दावा

एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 अहमदाबाद से लंदन उड़ान भरने के 5 मिनट बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें 242 लोगों की मौत की आशंका है. विमान में तकनीकी खामियों की यात्रियों द्वारा पहले से शिकायत की गई थी. सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं और राहत कार्य जारी हैं.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून 2025 को एक बड़ा विमान हादसा उस समय हुआ, जब एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 ने सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के लिए उड़ान भरी. यह फ्लाइट महज 5 मिनट की उड़ान के बाद ही मेघानी नगर क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई. विमान में 242 लोग सवार थे, जिनमें यात्री और चालक दल के सदस्य शामिल थे. प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, सभी की मौत की आशंका जताई जा रही है, हालांकि औपचारिक पुष्टि अभी बाकी है.

दिल्ली से अहमदाबाद होते हुए थी लंदन की उड़ान

फ्लाइट AI171 ने दुर्घटना से पहले दिल्ली से अहमदाबाद के लिए फ्लाइट संख्या AI423 के तहत सुबह 10:07 बजे उड़ान भरी थी और सुबह 11:40 बजे अहमदाबाद में सुरक्षित लैंडिंग की थी. इसके बाद विमान को लंदन के लिए रवाना किया गया. अहमदाबाद से टेकऑफ के तुरंत बाद यह विमान रिहायशी क्षेत्र में गिर पड़ा, जिससे इलाके में अफरातफरी मच गई.

सोशल मीडिया पर यात्रियों के अनुभव सामने आए

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर यात्रियों और आम लोगों की प्रतिक्रिया तेजी से सामने आई है. ट्विटर (अब एक्स) पर एक यात्री आकाश वत्स ने दावा किया कि उन्होंने कुछ घंटे पहले उसी विमान में दिल्ली से अहमदाबाद तक यात्रा की थी. उन्होंने अपनी यात्रा के अनुभव साझा करते हुए बताया कि फ्लाइट में कई तकनीकी खामियां दिखीं.

आकाश ने तीन वीडियो पोस्ट किए, जिनमें यात्रियों को मैगजीन से खुद को हवा करते हुए देखा जा सकता है. उन्होंने कहा, "विमान की एयर कंडीशनिंग काम नहीं कर रही थी. टीवी स्क्रीन बंद थीं और केबिन क्रू को कॉल करने वाले बटन भी काम नहीं कर रहे थे." उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसी खराब सेवाओं के कारण एयर इंडिया को अच्छी एयरलाइन नहीं माना जाता.

तकनीकी खामियों पर सवाल

इस हादसे के बाद एयर इंडिया की मेंटेनेंस और सेवाओं पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं. यात्रियों के अनुभव और तकनीकी दिक्कतों को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि फ्लाइट की तकनीकी स्थिति उड़ान के लायक नहीं थी. यदि यह सच साबित होता है, तो यह एक बहुत ही बड़ी चूक मानी जाएगी.

एविएशन मंत्रालय ने दिए जांच आदेश

सरकारी एजेंसियों और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं. राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं. हादसे के सही कारणों की पुष्टि फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) की जांच के बाद ही हो पाएगी.

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