'ये है असली मदद...', ब्लिंकिट एम्बुलेंस का कमाल, 4 मिनट में पहुंची, 20 मिनट में अस्पताल पहुंचाया मरीज
गुड़गांव में एक शख्स ने दिल छू लेने वाला किस्सा शेयर किया है. इमरजेंसी के वक्त Blinkit का एम्बुलेंस महज 4 मिनट में पहुंच गया और मरीज को सिर्फ 20 मिनट में अस्पताल पहुंचाकर जान बचाई. क्या कमाल की स्पीड है. सच में लाइफसेवर साबित हुआ ये सर्विस.

गुड़गांव में ब्लिंकिट की एम्बुलेंस सेवा ने एक बार फिर अपनी शानदार स्पीड और प्रोफेशनलिज्म से लोगों का दिल जीत लिया है. सोशल मीडिया पर यूजर हरप्रीत द्वारा शेयर किया गया एक पोस्ट वायरल हो गया है, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे ब्लिंकिट की एम्बुलेंस ने महज 4 मिनट में पहुंचकर एक दोस्त के परिवार की जान बचाई. यह घटना आज सुबह की है, जब एक क्लासमेट ने ऐप के जरिए एम्बुलेंस बुक की और मरीज को अस्पताल पहुंचाने में कुल 20 मिनट लगे.यह पोस्ट ऑनलाइन तेजी से फैल रहा है और हजारों यूजर्स ने ब्लिंकिट की इस पहल की तारीफ की है. लोग इसे निजी क्षेत्र की तरफ से स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांति के रूप में देख रहे हैं, खासकर जब सेवा मुफ्त है और क्रू बिना किसी टिप या थैंक्स के चले गए.
कितने मिनट में एम्बुलेंस पहुंची अस्पताल
हरप्रीत ने X पर लिखा, प्रिय ब्लिंकइट, आपकी एम्बुलेंस सेवा वाकई जीवनरक्षक है. आज सुबह ही, मेरे एक सहपाठी ने गुड़गांव में एम्बुलेंस के लिए बुक किया. यह 4 मिनट में पहुंच गई और उसकी मां 20 मिनट के भीतर अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में थीं. उन्होंने क्रू की तारीफ करते हुए कहा कि दोनों पैरामेडिकल अटेंडेंट और ड्राइवर बेहतरीन थे और उन्होंने मरीज की बहुत अच्छी देखभाल की.
Dear @letsblinkit, your Ambulance service is a lifesaver indeed. Jist this morning, a classmate of mine requested for an ambulance in Gurugram. It arrived in 4 minutes and his mom was in the emergencybward of a hospital within 20 minutes.
Both the paramedic attendants and the…— Harpreet (@CestMoiz) March 14, 2026
टोकन पेमेंट और रेटिंग सिस्टम
मरीज के स्थिर होने और इमरजेंसी रूम की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बेटा बाहर आया तो एम्बुलेंस क्रू जा चुके थे. हरप्रीत ने लिखा, इमरजेंसी रूम में औपचारिकताओं के पूरा होने और मरीज की हालत स्थिर होने के बाद, उसका बेटा एम्बुलेंस वालों को धन्यवाद देने के लिए बाहर गया, लेकिन उसे पता चला कि वे पहले ही जा चुके थे. दो मिनट बाद ही उसे अपनी पत्नी से खूब डांट पड़ी क्योंकि उसने उन्हें धन्यवाद का कोई प्रतीक नहीं दिया था, खासकर तब जब एम्बुलेंस सेवा ने कोई शुल्क नहीं लिया था.
हरप्रीत ने पोस्ट में कंपनी को सलाह दी, इस संदर्भ में, आप अपने ऐप में काम पूरा होने के बाद एम्बुलेंस कर्मचारियों के लिए टोकन भुगतान का विकल्प और शायद रेटिंग सिस्टम जोड़ने पर विचार कर सकते हैं. वे वास्तव में जीवनरक्षक हैं.
पोस्ट पर मिली भारी तारीफ
पोस्ट को 90,000 से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं और कमेंट्स में यूजर्स ने जमकर सराहना की. एक यूजर ने लिखा, मैं इस नेक काम के लिए दान करना चाहूंगा. यह जानकर बहुत सुकून मिलता है कि ब्लिंकइट की एम्बुलेंस सेवा मेरे इलाके में ही उपलब्ध है. दूसरे ने कहा, जिस तरह से वे बिना टिप या धन्यवाद की प्रतीक्षा किए चले गए, उससे पता चलता है कि वे अपने काम में तेज़ी लाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं.
कई यूजर्स ने निजी कंपनियों की इस पहल को भारत के विकास का उदाहरण बताया. एक कमेंट था, वाह, इस तरह निजी उद्यमों के नेतृत्व से भारत एक अलग स्तर पर पहुंच रहा है. एक अन्य ने लिखा, ये स्टार्टअप बाकी स्टार्टअप्स से एक खरब गुना बेहतर हैं. कई ने इसे सर्वश्रेष्ठ पहल करार दिया और कहा, शानदार काम, ब्लिंकइट. बाकी सभी कंपनियों को इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए.


