अमेरिका ने 2025 तक 2790 भारतीयों को वापस भेजा, अवैध तरीके से विदेश जाने वालों की कमी में आई बड़ी गिरावट
विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस साल अब तक अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे 2,790 भारतीयों को स्वदेश लौटाया गया, जबकि ब्रिटेन से 100 लोग लौटे. अमेरिका में भारतीयों की अवैध घुसपैठ 62% घटी है. भारत वैश्विक सहयोग से अवैध प्रवास रोकने और कानूनी प्रवासन को बढ़ावा दे रहा है.

नई दिल्लीः विदेश मंत्रालय (एमईए) ने गुरुवार को जानकारी दी कि इस साल की शुरुआत से अब तक अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे 2,790 भारतीय नागरिकों को स्वदेश वापस भेजा गया है. यह कदम भारत और अमेरिका के बीच चल रहे सहयोग का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अवैध प्रवास को रोकना और कानूनी प्रक्रियाओं को सख्ती से लागू करना है.
विदेश मंत्रालय का बयान
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि इन भारतीयों की नागरिकता की पुष्टि के बाद उन्हें वापस भेजा गया. उन्होंने कहा कि इस साल जनवरी से अब तक 2,790 से अधिक भारतीय नागरिक ऐसे थे जो अमेरिका में निर्वासन के मानदंडों पर खरे नहीं उतरे. वे अवैध रूप से रह रहे थे. उनके दस्तावेजों और राष्ट्रीयता की पुष्टि के बाद वे भारत लौट आए हैं.
जायसवाल ने स्पष्ट किया कि हर मामले में व्यक्ति की भारतीय नागरिकता की जांच की गई और प्रत्येक प्रत्यावर्तन में सभी कानूनी और कूटनीतिक प्रक्रियाओं का पालन किया गया. उन्होंने कहा कि भारत, अमेरिका और अन्य देशों के साथ इस तरह के मामलों में पारदर्शी और मानक प्रक्रिया अपनाता है ताकि किसी भी व्यक्ति के अधिकारों का उल्लंघन न हो.
ब्रिटेन से भी लौटे भारतीय नागरिक
प्रवक्ता ने यह भी बताया कि यूनाइटेड किंगडम से भी लगभग 100 भारतीय नागरिकों को इस वर्ष निर्वासित किया गया है, जिनकी राष्ट्रीयता की विधिवत पुष्टि की गई थी. उन्होंने कहा कि भारत सभी देशों के साथ मिलकर अवैध प्रवासन की चुनौतियों से निपटने के लिए निरंतर प्रयासरत है. जायसवाल ने कहा कि ब्रिटेन की ओर से इस वर्ष लगभग 100 भारतीय नागरिक लौटे हैं, जिन्हें उनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि के बाद भेजा गया.
इन घटनाओं से यह संकेत मिलता है कि भारत और उसके साझेदार देश अवैध प्रवास, वीजा अवधि से अधिक रुकने और सीमा पार अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए अधिक सख़्त नीति अपना रहे हैं.
अमेरिका में अवैध घुसपैठ में बड़ी गिरावट
अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा (CBP) के नवीनतम आंकड़े दर्शाते हैं कि अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करने की कोशिश करने वाले भारतीय नागरिकों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट आई है, जो अब चार साल के न्यूनतम स्तर पर पहुंच चुकी है.
अक्टूबर 2024 से सितंबर 2025 के बीच अमेरिकी अधिकारियों ने बिना अनुमति के प्रवेश की कोशिश करते हुए 34,146 भारतीय नागरिकों को हिरासत में लिया. यह संख्या पिछले वित्तीय वर्ष के 90,415 मामलों की तुलना में लगभग 62 प्रतिशत कम है.
28 अक्टूबर को जारी CBP रिपोर्ट के अनुसार, यह गिरावट 2021 के बाद से सबसे बड़ी वार्षिक कमी है. विशेषज्ञों का मानना है कि महामारी के बाद बदले आर्थिक हालात और भारत-अमेरिका के बीच बेहतर प्रवासन नियंत्रण उपायों ने इस गिरावट में अहम भूमिका निभाई है.
वैश्विक सहयोग और प्रवासन नीति पर प्रभाव
भारत सरकार का मानना है कि इस प्रकार के मामलों में पारदर्शी संवाद और सहयोग से अवैध प्रवास पर अंकुश लगाया जा सकता है. साथ ही, यह प्रवृत्ति संकेत देती है कि भारतीय नागरिक अब कानूनी मार्गों से विदेश यात्रा और प्रवासन को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं. सरकार का प्रयास है कि विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो, साथ ही अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ सहयोग से अवैध प्रवास के नेटवर्क और दलालों पर कड़ा प्रहार किया जाए.


