डूबने से नहीं हुई युवराज की मौत! पोस्टमार्टम में हुआ हैरान करने वाला खुलासा
27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की गढ़े में कार सहित डूबने की खबर सामने आई थी. हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एक अलग ही खुलासा हुआ है, जिससे सभी हैरान रह गए.

उत्तर प्रदेश: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में 17 जनवरी की सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना हुई. 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार घने कोहरे के कारण अनियंत्रित हो गई और एक निर्माणाधीन इमारत के लिए खोदे गए करीब 20 फीट गहरे गड्ढे में गिर गई. यह गड्ढा पानी से भरा हुआ था और नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में एक नाले के पास स्थित था.
बता दें, युवराज काम से घर लौट रहे थे. वे सेक्टर 150 की टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी में रहते थे और गुरुग्राम की एक बड़ी आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे.
90 मिनट तक मांगी थी मदद
कार गड्ढे में गिरने के बाद युवराज लगभग 90 मिनट तक कार की छत पर खड़े रहे और जोर-जोर से मदद की गुहार लगाते रहे. आसपास के लोग उनकी आवाज सुनकर पहुंचे, लेकिन गड्ढे में पानी होने और कोहरे की वजह से रेस्क्यू में काफी देरी हुई. पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने घंटों की मेहनत के बाद शव को बाहर निकाला.
इस दौरान स्थानीय लोगों ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा की कमी का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि गड्ढे के आसपास कोई बैरिकेडिंग, लाइट या चेतावनी बोर्ड नहीं था, जिससे यह हादसा हुआ.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अब साफ हो गया है कि युवराज की मौत दम घुटने (एस्फिक्सिया) और हार्ट अटैक (कार्डियक अरेस्ट) के कारण हुई है. पानी में डूबने और तंग कार में ऑक्सीजन की कमी से दम घुट गया, जिसके बाद दिल का दौरा पड़ गया.
रिपोर्ट ने इस बात की पुष्टि की कि मौत हादसे के दौरान ही हो गई थी. परिजनों और दोस्तों ने कहा कि युवराज पूरी तरह स्वस्थ थे और नियमित रूप से जिम जाते थे. यह खुलासा सुनकर सब हैरान रह गए.
प्रशासन पर उठा सवाल
इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और रियल एस्टेट कंपनियों की लापरवाही को उजागर कर दिया. स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. पुलिस ने दो रियल एस्टेट डेवलपर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. लोकेश एम ने मामले पर संज्ञान लिया.
सड़क पर ब्लिंकर और संकेतक न लगाने की शिकायत पर यातायात प्रकोष्ठ के वरिष्ठ प्रबंधक और एक प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. साथ ही एक अधिकारी की सेवा भी समाप्त कर दी गई है.


