पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर केस में देवरिया पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल, नहीं लौटाया जब्त किया गया टूथपेस्ट
पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तारी के दौरान जब्त सामान पूरा न लौटाने का आरोप सामने आया है. नकदी, मोबाइल और टूथपेस्ट से जुड़े सवालों पर मामला कोर्ट पहुंच गया है, जिसकी सुनवाई 23 जनवरी को होगी.

देवरिया: पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर से जुड़ा एक नया मामला सामने आया है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली और संपत्ति जब्ती की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. देवरिया कोतवाली पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के समय जब्त किए गए सामानों में से कुछ चीजेंजैसे नकदी, मोबाइल फोन और एक टूथपेस्ट बाद में पूरी तरह लौटाई नहीं गईं.
गिरफ्तारी के समय जब्त सामान
अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी के अनुसार, 9 और 10 दिसंबर की रात शाहजहांपुर से गिरफ्तार किए गए अमिताभ ठाकुर के पास लगभग 42,000 रुपये नकद, दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, कपड़े और टूथपेस्ट थी. गिरफ्तारी के बाद देवरिया कोतवाली पुलिस ने यह सभी सामान जब्त कर लिया. बाद में लौटाए जाने पर नकदी में से केवल 7,208 रुपये ही वापस किए गए, और दो में से एक मोबाइल फोन अनलॉक स्थिति में मिला, जबकि गिरफ्तारी के समय वह पिन लॉक था.
क्यों गंभीर है टूथपेस्ट का मामला
भले ही यह मामूली दिखता हो, लेकिन अधिवक्ताओं और समर्थकों का कहना है कि टूथपेस्ट न लौटाने से संदेह पैदा होता है. प्रवीण द्विवेदी ने कहा कि यदि साधारण चीजें ही लौटाई नहीं गईं, तो छेड़छाड़ या अनुचित प्रयोग की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
मोबाइल फोन अनलॉक होने से बढ़ा सवाल
लौटाए गए वीवो फोन का अनलॉक होना विशेष चिंता का विषय है, क्योंकि इस फोन से यूपीआई और अन्य डिजिटल सेवाएं संचालित होती थीं. समर्थकों का कहना है कि फोन को खोला गया या उसमें कोई छेड़छाड़ हुई हो सकती है, जो निजता और कानूनी प्रक्रिया पर सीधे सवाल खड़ा करता है.
पुराना विवाद
यह मामला उस पुराने विवाद से जुड़ा है जिसमें अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी नूतन देवी पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर इंडस्ट्रियल एरिया में भूमि का आवंटन धोखाधड़ी से किया. इसी प्रकरण में उनके खिलाफ देवरिया कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था और गिरफ्तार किया गया था.
कोर्ट में मामला दर्ज
अमिताभ ठाकुर के समर्थक भीमसेन राव ने देवरिया की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट में वाद दायर किया है. वाद में पुलिस से मामले की रिपोर्ट तलब करने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की गई है. कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख 23 जनवरी तय की है.
23 जनवरी की सुनवाई इस मामले में अहम मानी जा रही है. यह देखा जाना बाकी है कि कोर्ट किस दिशा में रुख अपनाता है और पुलिस अपनी ओर से क्या जवाब देती है. एक साधारण-सी दिखने वाली टूथपेस्ट ने पूरे प्रकरण को चर्चा में ला दिया है, जो पुलिस प्रक्रिया की पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों के सवाल उठाती है.


