ईरान में तांडव: 18 दिन में हजारों मौतें, आज इरफान को फांसी की आशंका

ईरान में जारी सरकार विरोधी आंदोलन अब खून-खराबे में बदल चुका है. 18 दिनों से चल रहे प्रदर्शनों में हजारों मौतों के दावे किए जा रहे हैं, वहीं 26 साल के इरफान सुलतानी को फांसी दिए जाने की खबरों ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: ईरान में जारी सरकार विरोधी आंदोलन अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है. लगातार 18वें दिन भी सड़कों पर हालात काबू से बाहर बने हुए हैं और देशभर में खून-खराबे की खबरें सामने आ रही हैं. मरने वालों की संख्या को लेकर अलग-अलग एजेंसियों और संस्थाओं के दावे सामने आ रहे हैं, जिससे स्थिति और भी भयावह नजर आती है.

इसी बीच 26 वर्षीय इरफान सुलतानी का मामला अंतरराष्ट्रीय चिंता का केंद्र बन गया है. प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किए गए इरफान को "मोहारेबेह" यानी "भगवान के खिलाफ युद्ध छेड़ने" का दोषी ठहराया गया है और रिपोर्ट्स के मुताबिक आज उन्हें फांसी दी जा सकती है.

इरफान सुलतानी का मामला क्यों बना डर का प्रतीक

द गार्डियन के मुताबिक, इरफान सुलतानी को 8 जनवरी को प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में हिरासत में लिया गया था. 11 जनवरी को ईरानी प्रशासन ने उन्हें दोषी ठहराते हुए उन पर "मोहारेबेह" का आरोप लगाया. रिपोर्ट्स में कहा गया है कि न तो उन्हें उचित कानूनी प्रक्रिया दी गई और न ही किसी वकील की मदद. खबरें हैं कि उन्हें आज सार्वजनिक रूप से फांसी दी जा सकती है, जिसने दुनिया भर में मानवाधिकार संगठनों की चिंता बढ़ा दी है.

मरने वालों के आंकड़ों पर भारी भ्रम

ईरान में मारे गए लोगों की संख्या को लेकर भारी विरोधाभास सामने आ रहा है. कुछ रिपोर्ट्स में यह आंकड़ा 2,000 बताया जा रहा है तो कहीं 20,000 तक के दावे किए गए हैं. अमेरिका स्थित एक ईरानी मानवाधिकार संगठन का कहना है कि अब तक 18,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं. वहीं अन्य रिपोर्स मुताबिक यह संख्या 2,400 से ज्यादा हो चुकी है, जबकि रॉयटर्स ने ईरानी अधिकारियों के हवाले से इसे करीब 2,000 बताया है.

ट्रंप की खुली चेतावनी, व्हाइट हाउस में हाई-लेवल मीटिंग

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों को फांसी दी गई तो अमेरिका "कड़ी कार्रवाई" करेगा. अमेरिकी विदेश मंत्रालय का दावा है कि ईरान इरफान सुलतानी को फांसी देने की योजना बना रहा है. इसी मुद्दे पर व्हाइट हाउस में उच्चस्तरीय बैठक भी हुई है.

इससे पहले ट्रंप ने अपने ट्रूथ सोशल पोस्ट में प्रदर्शनकारियों से सरकारी इमारतों पर कब्जा करने की अपील की थी और यह भी कहा था कि "अमेरिकी मदद रास्ते में है."

पूरे देश में भड़की आग, 31 प्रांतों में सैकड़ों प्रदर्शन

ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक ईरान के सभी 31 प्रांतों में अब तक 600 से ज्यादा विरोध प्रदर्शन दर्ज किए जा चुके हैं. सड़कों पर उतर आए हजारों लोग सरकार के खिलाफ खुला विरोध जता रहे हैं, जिससे हालात लगातार विस्फोटक बने हुए हैं.

सरकार पर सबसे बड़ा आरोप

ब्रिटिश वेबसाइट ईरान इंटरनेशनल ने दावा किया है कि पिछले 17 दिनों में 12,000 प्रदर्शनकारियों की हत्या की गई है. वेबसाइट के अनुसार, अधिकतर मृतक 30 साल से कम उम्र के युवा थे. रिपोर्ट में कहा गया है कि ज्यादातर हत्याएं रेवोल्यूशनरी गार्ड्स और बसीज फोर्स ने कीं और यह सब कथित तौर पर सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के आदेश पर हुआ.

साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि सरकार इंटरनेट और संचार सेवाएं बंद कर सच्चाई को दुनिया से छिपाने की कोशिश कर रही है.

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