क्या अजीत पवार और शरद पवार फिर साथ आएंगे? फडणवीस के बयान से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर पवार परिवार को लेकर हलचल तेज हो गई है. शरद पवार और अजीत पवार के एक साथ आने की अटकलों पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बयान ने सियासी माहौल को और गरमा दिया है. नगर निगम चुनावों के बीच दिया गया यह बयान कई नए राजनीतिक संकेत दे रहा है.

महाराष्ट्र: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. एनसीपी के दो धड़ों शरद पवार और अजीत पवार के बीच संभावित मेल-मिलाप को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो चुका है. इस बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान इन अटकलों को और हवा दे रहा है.
नगर निकाय चुनावों के बीच फडणवीस ने यह साफ कर दिया कि वह भविष्य में दोनों पवार गुटों के एक साथ आने की संभावना से इनकार नहीं करते. हालांकि उन्होंने मौजूदा गठबंधन को केवल स्थानीय स्तर की राजनीतिक मजबूरी बताया.
नगर निगम चुनावों में साथ लेकिन राज्य स्तर पर नहीं
15 जनवरी को होने वाले नगर निगम चुनावों से पहले पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ में शरद पवार और अजीत पवार के गुटों के साथ आने को लेकर सवाल उठे थे. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा,"वे केवल दो दलों में गठबंधन में चुनाव लड़ रहे हैं. उन्होंने आधिकारिक तौर पर विलय नहीं किया है. यह एक स्थानीय घटनाक्रम है दोनों पक्षों के नेता यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि वे अपने समर्थकों को एकजुट रखने के लिए एक साथ लड़ रहे हैं."
उन्होंने साफ किया कि फिलहाल यह समझौता केवल कुछ नगर निगमों तक सीमित है और इसका मतलब यह नहीं कि दोनों दल राज्य स्तर पर भी एक हो गए हैं.
2019 का उदाहरण याद दिलाया फडणवीस ने
फडणवीस ने महाराष्ट्र के राजनीतिक इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद बने महा विकास अघाड़ी का उदाहरण दिया, जब शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाई थी.
मुख्यमंत्री ने कहा,"2019 के अनुभव को ध्यान में रखते हुए मैं किसी भी राजनीतिक संभावना को खारिज नहीं करता. अगर वे भविष्य में एक साथ आते हैं, तो हम उस समय इस पर विचार करेंगे."
पवार गुटों की नजदीकी से बढ़ी राजनीतिक हलचल
हाल के दिनों में पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ में दोनों पवार गुटों के साथ आने से यह संकेत मिला है कि अंदरूनी समीकरण बदल सकते हैं. हालांकि दोनों गुट राज्य स्तर पर एक-दूसरे के कट्टर राजनीतिक विरोधी हैं, फिर भी स्थानीय चुनावों में यह तालमेल कई सियासी सवाल खड़े कर रहा है.
फडणवीस ने इशारा किया कि यह गठबंधन बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर पार्टी समर्थकों को एकजुट रखने की रणनीति हो सकती है.
महायुति को लेकर फडणवीस का भरोसा
चुनावी प्रचार के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्तारूढ़ महायुति जिसमें बीजेपी, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजीत पवार की एनसीपी शामिल हैं. मुंबई, पुणे, पिंपरी चिंचवाड़ और नासिक जैसे बड़े नगर निगमों में जीत दर्ज करने के लिए पूरी तरह तैयार है.
उन्होंने माना कि महाराष्ट्र की गठबंधन राजनीति हमेशा अप्रत्याशित रही है और आने वाले समय में कोई भी नया समीकरण बन सकता है, खासकर जब राज्य और राष्ट्रीय स्तर के बड़े चुनाव नजदीक हैं.


