देहरादून में अवैध अतिक्रमण पर सख्ती: आधी रात घंटाघर के पास मजार पर चला बुलडोजर

 उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सरकारी जमीन पर बने अवैध धार्मिक ढांचों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. गुरुवार देर रात जिला प्रशासन कार्रवाई करते हुए घंटाघर क्षेत्र में स्थित एक अवैध मजार को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सरकारी जमीन पर बने अवैध धार्मिक ढांचों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. गुरुवार देर रात जिला प्रशासन और मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए घंटाघर क्षेत्र में स्थित एक अवैध मजार को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया.

यह कार्रवाई शासन के स्पष्ट निर्देशों और पूर्व में जारी नोटिस के बाद की गई. प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का अतिक्रमण अब स्वीकार नहीं किया जाएगा, चाहे उसका स्वरूप कुछ भी हो.

सरकारी जमीन पर बनी थी मजार

एमडीडीए की ओर से पहले ही स्पष्ट किया जा चुका था कि घंटाघर के पास डिस्पेंसरी रोड स्थित एचएनबी कॉम्प्लेक्स परिसर में बनी मजार सरकारी भूमि पर अवैध रूप से निर्मित है. प्राधिकरण के अनुसार, यह निर्माण नियमों के विरुद्ध था और इसके लिए कोई वैध अनुमति या स्वामित्व संबंधी दस्तावेज मौजूद नहीं थे.

सार्वजनिक सुविधाओं और सुरक्षा पर पड़ रहा था असर

प्राधिकरण ने बताया कि मजार के कारण न केवल सार्वजनिक सुविधाओं में बाधा उत्पन्न हो रही थी, बल्कि यह इलाका यातायात और सुरक्षा की दृष्टि से भी संवेदनशील बन गया था. इसी आधार पर मजार प्रबंधन को नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर स्वामित्व और निर्माण से जुड़े अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे.

दस्तावेज नहीं देने पर हुई कार्रवाई

निर्धारित समयसीमा के भीतर मजार प्रबंधन की ओर से कोई संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया. इसके बाद प्रशासन और एमडीडीए ने अवैध अतिक्रमण हटाने का फैसला लिया और कार्रवाई की तिथि तय की गई.

रात में क्यों चला बुलडोजर

सूत्रों के मुताबिक, कानून-व्यवस्था की संभावित स्थिति को ध्यान में रखते हुए देर रात कार्रवाई का निर्णय लिया गया. भारी पुलिस बल की मौजूदगी में एमडीडीए की प्रवर्तन टीम मौके पर पहुंची और कुछ ही घंटों में पूरी मजार को ध्वस्त कर दिया गया.

बिना विरोध के पूरी हुई कार्रवाई

कार्रवाई के दौरान किसी तरह का विरोध या हंगामा नहीं हुआ. मौके पर मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी और एमडीडीए के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. प्रशासन ने दोहराया कि आगे भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ इसी तरह सख्त कदम उठाए जाएंगे.

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