अभी कहां है चक्रवात शक्ति? गुरजरात और महाराष्ट्र में अलर्ट, 100 km/h की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

भारतीय मौसम विभाग ने अरब सागर में बने चक्रवात ‘शक्ति’ को लेकर महाराष्ट्र और गुजरात तटों पर अलर्ट जारी किया है. यह गंभीर चक्रवाती तूफान 100 किमी/घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है. मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की सलाह दी गई है. अगले 48 घंटे तटीय इलाकों के लिए अहम रहेंगे.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

Cyclone Shakti: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अरब सागर के ऊपर तेजी से विकसित हो रहे चक्रवात ‘शक्ति’ को देखते हुए महाराष्ट्र और आसपास के तटीय इलाकों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है. विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में भारी वर्षा, तेज हवाएं और समुद्र में ऊंची लहरें देखने को मिल सकती हैं. इस वजह से राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन दलों को सक्रिय कर दिया है और संभावित निकासी की योजनाएं भी तैयार कर ली गई हैं.

चक्रवात शक्ति की वर्तमान स्थिति

आईएमडी के अनुसार, चक्रवात शक्ति अब एक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल चुका है. यह उत्तर-पश्चिम और उससे सटे उत्तर-पूर्व अरब सागर में केंद्रित है. शनिवार दोपहर 12 बजे जारी बुलेटिन के मुताबिक, यह तूफान पिछले छह घंटों में करीब 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ा है.

सुबह 8.30 बजे तक इसका केंद्र अक्षांश 22.0°N और देशांतर 64.5°E के पास था. यह गुजरात के द्वारका से लगभग 470 किलोमीटर पश्चिम नलिया से 470 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम, कराची (पाकिस्तान) से 420 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम और मसिराह (ओमान) से करीब 600 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व में स्थित था.

आगे का अनुमान

मौसम विभाग ने बताया कि यह तूफान धीरे-धीरे पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ता रहेगा. अनुमान है कि 5 अक्टूबर तक यह उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य अरब सागर तक पहुंच जाएगा. वहीं, 6 अक्टूबर की सुबह से इसके मार्ग में बदलाव होने और यह पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुड़ते हुए धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है. हालांकि, इसके प्रभाव से गुजरात, उत्तर महाराष्ट्र और पाकिस्तान के तटीय इलाकों में समुद्र की स्थिति अत्यधिक खराब बनी रहेगी. इसलिए अगले 24 से 48 घंटे तक सतर्क रहने की जरूरत है.

मछुआरों के लिए सख्त चेतावनी

आईएमडी ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे मंगलवार तक समुद्र में न जाएं. खासतौर पर उत्तर-पश्चिम अरब सागर, उत्तर-पूर्व अरब सागर, मध्य अरब सागर और गुजरात-उत्तर महाराष्ट्र के तटीय इलाकों से दूर रहें. जिन नावों और नौकाओं ने पहले ही समुद्र का रुख कर लिया है, उन्हें तुरंत सुरक्षित बंदरगाहों पर लौटने का निर्देश दिया गया है.

अरब सागर में हाल के तूफान

अरब सागर में बंगाल की खाड़ी की तुलना में कम चक्रवात बनते हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यहां भी कई खतरनाक तूफान आए हैं. साल 2021 में चक्रवात तौकते और 2023 में बिपरजॉय ने तटीय राज्यों में भारी तबाही मचाई थी. इन घटनाओं के कारण अब प्रशासन और जनता दोनों ही ज्यादा सतर्क रहते हैं.

नामकरण की दिलचस्प कहानी

चक्रवात शक्ति का नाम श्रीलंका ने प्रस्तावित किया था. दरअसल, चक्रवातों के नामकरण की एक क्षेत्रीय प्रणाली है, जिसमें भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका, मालदीव, म्यांमार, ओमान और थाईलैंड सहित 13 देश शामिल हैं. हर देश अपनी बारी से नाम सुझाता है.

 

 

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