उत्तराखंड में UCC लागू होने के एक साल में 68 जोड़ों ने कराया लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन, सरकार ने जारी किए आंकड़े

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू हुए एक साल पूरा होने वाला है. इस ऐतिहासिक मौके पर धामी सरकार ने रोचक आंकड़े जारी किए है. शादियों से लेकर लिव-इन रिलेशनशिप तक के पंजीकरण, ऑनलाइन सुविधा से प्रक्रिया इतनी आसान हुई कि लाखों जोड़ों ने रजिस्ट्रेशन कराया.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू हुए लगभग एक वर्ष पूरा होने जा रहा है. 27 जनवरी को यूसीसी के लागू होने का एक साल पूरा हो जाएगा. इस दौरान राज्य में विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिला है और इसे पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल और सुविधाजनक बनाया गया है.

राज्य सरकार के अनुसार, यूसीसी लागू होने के बाद से अब तक उत्तराखंड में कुल 4 लाख 74 हजार 447 शादियों का पंजीकरण किया जा चुका है. सरकार का दावा है कि ऑनलाइन व्यवस्था के चलते न सिर्फ पंजीकरण की संख्या में इजाफा हुआ है, बल्कि आम लोगों का भरोसा भी इस प्रक्रिया पर बढ़ा है.

ऑनलाइन हुई विवाह पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया

यूसीसी लागू होने के बाद दंपति अब कहीं से भी ऑनलाइन विवाह पंजीकरण करा सकते हैं. पहले के कानून के तहत शादी का पंजीकरण कराने के लिए तय तारीख पर दो गवाहों के साथ उप निबंधक कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना अनिवार्य था.

यूसीसी से पहले राज्य में विवाह पंजीकरण ‘उत्तराखंड अनिवार्य विवाह पंजीकरण अधिनियम, 2010’ के अंतर्गत किया जाता था, जिसमें पूरी प्रक्रिया ऑफलाइन थी.

रजिस्ट्रेशन की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी

उत्तराखंड सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, यूसीसी लागू होने के बाद अब हर दिन औसतन 1400 शादियों का पंजीकरण हो रहा है. जबकि पुराने कानून के तहत प्रतिदिन औसतन केवल 67 शादियों का ही रजिस्ट्रेशन होता था. सरकार का कहना है कि विवाह पंजीकरण के आवेदन औसतन पांच दिन के भीतर जारी कर दिए जा रहे हैं, हालांकि इसके लिए अधिकतम समय सीमा 15 दिन तय की गई है.

तलाक और लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण

यूसीसी लागू होने के बाद से राज्य में 316 लोगों ने ऑनलाइन तलाक प्रमाणपत्र प्राप्त किए हैं. इसके अलावा लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के लिए 68 लोगों ने पंजीकरण कराया है, जबकि दो लोगों ने लिव-इन रिलेशनशिप समाप्त करने का प्रमाणपत्र भी लिया है.

मुख्यमंत्री धामी का बयान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि उत्तराखंड ने यूसीसी लागू कर देश के अन्य राज्यों को रास्ता दिखाया है. उन्होंने कहा कि बीते एक वर्ष में जिस पारदर्शिता और सरलता के साथ यूसीसी के प्रावधानों को लागू किया गया है, उससे पूरी प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा बढ़ा है.

सीएम धामी के अनुसार, इसी विश्वास के कारण बड़ी संख्या में लोग यूसीसी के तहत पंजीकरण करा रहे हैं और उत्तराखंड की यूसीसी हर दृष्टि से एक आदर्श कानून के रूप में सामने आई है.

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