'ब्रिक्स देश टूट गए...', जानें ऐसा क्यों बोले अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि ब्रिक्स देश हमारे डॉलर को खत्म करने की कोशिश कर रहे थे. वे एक नई मुद्रा बनाना चाहते थे. इसलिए जब मैं आया, तो मैंने सबसे पहले यही कहा कि अगर कोई ब्रिक्स देश डॉलर के को कमजोर करने का जिक्र भी करेगा, तो उस पर 150% टैरिफ लगाया जाएगा और हम आपका सामान नहीं चाहते और ब्रिक्स देश टूट गए.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को दावा किया कि डॉलर को कमजोर करने के लिए 150% टैरिफ लगाने की धमकी के बाद ब्रिक्स नेशन में फूट पड़ गई है. उन्होंने कहा कि ब्रिक्स (BRICS) टूट गया है. आपको बता दें कि ब्रिक्स नेशन में भारत भी शामिल है. ब्रिक्स में 10 देश शामिल हैं - ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात.
हमने ब्रिक्स देशों की खबर नहीं सुनी
ट्रंप ने कहा कि ब्रिक्स देश हमारे डॉलर को खत्म करने की कोशिश कर रहे थे. वे एक नई मुद्रा बनाना चाहते थे. इसलिए जब मैं आया, तो मैंने सबसे पहले यही कहा कि अगर कोई ब्रिक्स देश डॉलर के को कमजोर करने का जिक्र भी करेगा, तो उस पर 150% टैरिफ लगाया जाएगा और हम आपका सामान नहीं चाहते और ब्रिक्स देश टूट गए. उन्होंने कहा कि 150 प्रतिशत टैरिफ की धमकी के बाद उन्होंने ब्रिक्स के बारे में नहीं सुना है. उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि उनके साथ क्या हुआ. हमने हाल ही में ब्रिक्स देशों से कोई खबर नहीं सुनी है."
...तो अमेरिका उनके साथ व्यापार नहीं करेगा
इससे पहले 13 फरवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिक्स देशों को धमकी दी थी कि अगर वे डॉलर के साथ खेलना चाहते हैं तो उन्हें अमेरिका से 100 प्रतिशत टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि ब्रिक्स खत्म हो चुका है और ब्रिक्स देशों को अपनी धमकी दोहराते हुए कहा कि अगर वे अमेरिकी डॉलर को किसी अन्य मुद्रा से बदलने की कोशिश करेंगे तो अमेरिका उनके साथ व्यापार नहीं करेगा.
डॉलर के किया रिप्लेस तो लगेगा 100 प्रतिशत टैरिफ
इससे पहले जनवरी में अमेरिकी राष्ट्रपति ने धमकी दी थी कि अगर ब्रिक्स देश अमेरिकी डॉलर के बदले कोई वैकल्पिक मुद्रा शुरू करने की कोशिश करेंगे तो उन पर टैरिफ लगा दिया जाएगा. अमेरिकी राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति का पद संभालने से पहले भी इसी तरह की चेतावनी दी थी, जिसमें कहा गया था कि अगर ब्रिक्स देश नई मुद्रा शुरू करते हैं तो उन्हें अमेरिका में आयात पर 100 प्रतिशत टैरिफ का सामना करना पड़ेगा.
ब्रिक्स समिट में रूसी राष्ट्रपति ने क्या कहा?
2023 में 15वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पूर्ण सत्र के दौरान, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने डी-डॉलरीकरण का आह्वान करते हुए कहा कि "ब्रिक्स देशों को राष्ट्रीय मुद्राओं में निपटान का विस्तार करना चाहिए और बैंकों के बीच सहयोग बढ़ाना चाहिए.


