'भारत रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा', जेलेंस्की के साथ बैठक में फिर बोले ट्रंप

US India relations: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेगा, जबकि उन्होंने हंगरी की निर्भरता को मजबूरी बताया. ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत का उल्लेख किया, लेकिन भारत के विदेश मंत्रालय ने ऐसी किसी बातचीत से इनकार किया, जिससे दोनों देशों के बयानों में विरोधाभास दिखा.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

US India relations: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को फिर कहा कि भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद करने का फैसला किया है. हालांकि, उन्होंने नाटो सदस्य हंगरी का बचाव करते हुए उसके रूसी तेल पर निर्भर होने की स्थिति को मजबूरी बताया.

यूक्रेन युद्ध पर चर्चा के दौरान भारत का उल्लेख

व्हाइट हाउस में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोल्दोमीर जेलेंस्की के साथ बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि नई दिल्ली ने पहले ही मॉस्को से तेल आयात घटा दिया है. ट्रंप ने कहा कि भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा. उन्होंने पहले ही तनाव कम कर दिया है. उन्होंने दोहराया कि यदि नाटो देश रूसी ऊर्जा पर निर्भरता खत्म कर दें, तो वह कूटनीतिक दबाव और व्यापारिक प्रतिबंधों के माध्यम से यूक्रेन युद्ध समाप्त कर सकते हैं.

हंगरी पर नरम रुख

जब बातचीत का रुख हंगरी की ओर गया, तो ट्रम्प का सुर बदल गया. उन्होंने कहा कि हंगरी की स्थिति अलग है क्योंकि उसके पास तेल आयात के लिए केवल एक पुरानी पाइपलाइन है और वह समुद्र से घिरा देश नहीं है. ट्रंप ने कहा कि हंगरी एक मुश्किल स्थिति में है. उनके लिए वैकल्पिक रास्तों से तेल प्राप्त करना कठिन है. लेकिन उन्होंने भी रूसी तेल पर निर्भरता घटाई है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि हंगरी पहले लगभग 38% तेल रूस से खरीदता था, लेकिन अब उसने इसमें काफी कमी की है.

विक्टर ओर्बन की तारीफ

अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि उन्होंने हाल ही में हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन से बातचीत की है और उन्हें एक महान नेता” कहा. ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि वह आने वाले हफ्तों में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बुडापेस्ट में मुलाकात करने की योजना बना रहे हैं.

मोदी से बातचीत का दावा

इससे पहले बुधवार को ट्रंप ने कहा था कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेगा. उन्होंने इसे यूक्रेन युद्ध में रूस को अलग-थलग करने के लिए एक बड़ा कदम बताया. ट्रंप ने कहा कि मुझे अच्छा नहीं लगा कि भारत रूस से तेल खरीद रहा है. लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने मुझे भरोसा दिलाया कि यह अब बंद होगा. यह बहुत बड़ा कदम है. अब हम चीन से भी यही करवाना चाहते हैं.

भारत को बताया भरोसेमंद साझेदार

ऊर्जा नीति पर मतभेदों के बावजूद ट्रंप ने भारत को एक करीबी साझेदार बताया. जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या वह चीन के साथ तनाव के बीच भारत को भरोसेमंद साथी मानते हैं, तो ट्रम्प ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी मेरे दोस्त हैं. हमारे बीच बहुत अच्छे संबंध हैं.

भारत का खंडन

हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के दावे को नकार दिया. मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच किसी भी प्रकार की फोन पर बातचीत नहीं हुई है. जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मुझे प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हाल में किसी बातचीत की जानकारी नहीं है.

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