'पाकिस्तान रह गया पीछे, भारत हर पैमाने पर आगे', शांगरी-ला में गूंजा जनरल चौहान का संदेश

शांगरी-ला वार्ता में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने कहा कि भारत आज सभी मोर्चों पर पाकिस्तान से आगे है. उन्होंने कहा कि यह सफलता किसी संयोग से नहीं, बल्कि दीर्घकालिक रणनीति का नतीजा है. आर्थिक, सामाजिक और कूटनीतिक स्तर पर भारत की स्थिति मजबूत हुई है.

Dimple Yadav
Edited By: Dimple Yadav

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला डायलॉग 2025 के मंच से स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत आज सभी मोर्चों पर पाकिस्तान से आगे निकल चुका है. उन्होंने कहा कि यह प्रगति कोई संयोग नहीं, बल्कि दशकों की दीर्घकालिक रणनीति का परिणाम है.

जनरल चौहान ने कहा, "भारत और पाकिस्तान को एक ही समय में आजादी मिली थी. उस समय पाकिस्तान सामाजिक, आर्थिक और प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद के मामले में भारत से बेहतर स्थिति में था. लेकिन आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है. भारत हर पैमाने पर – आर्थिक प्रदर्शन, मानव विकास, सामाजिक सद्भाव – पाकिस्तान से बहुत आगे है, जबकि भारत में उससे कहीं अधिक सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता है." उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अंतर किसी संयोग से नहीं, बल्कि भारत की योजनाबद्ध नीति और दूरदृष्टि का नतीजा है.

कूटनीति में भी स्पष्टता

जनरल चौहान ने भारत-पाक रिश्तों पर कहा, “हम बिना रणनीति के काम नहीं करते. 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवाज़ शरीफ़ को शपथग्रहण में बुलाकर रिश्तों को सुधारने की कोशिश की थी. लेकिन संबंधों को बेहतर बनाने के लिए दोनों पक्षों का प्रयास ज़रूरी होता है. अगर बदले में सिर्फ़ शत्रुता मिले, तो अलगाव भी एक रणनीतिक विकल्प हो सकता है.”

अमेरिका से रक्षा सहयोग पर चर्चा

CDS चौहान ने यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड (US INDOPACOM) के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे पापारो से मुलाकात की. इस दौरान 'ऑपरेशन सिंदूर', सैन्य सहयोग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की बदलती सुरक्षा चुनौतियों पर गहन चर्चा हुई. दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय स्थिरता और आपसी सैन्य-से-मिलिट्री सहयोग को बढ़ाने पर सहमति जताई.

ब्राजील के साथ मजबूत हुए रक्षा संबंध

शांगरी-ला डायलॉग के दौरान भारत और ब्राजील ने भी द्विपक्षीय बैठक की. जनरल चौहान और ब्राजील के चीफ ऑफ स्टाफ एडमिरल अगुइर फ्रीरे के बीच स्वतंत्र, खुला और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर साझा प्रतिबद्धता दोहराई गई. उन्होंने समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और सतत विकास जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की सहमति जताई.

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