मेक्सिको में फुटबॉल मैच बना खूनी मैदान, अंधाधुंध फायरिंग में 11 लोगों की मौत
मेक्सिको में स्थानीय फुटबॉल मैच के दौरान अज्ञात हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें 11 लोग मारे गए और 12 घायल हुए. यह हमला राज्य में बढ़ती गिरोह हिंसा और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है.

मेक्सिको के गुआनाहुआतो राज्य में एक स्थानीय फुटबॉल मैच के दौरान हुई खूनी गोलीबारी ने एक बार फिर देश को हिला कर रख दिया है. लोमा दे फ्लोरेस इलाके में खेल देख रहे लोगों पर अज्ञात हमलावरों ने अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिससे मैदान और आसपास का क्षेत्र भयावह कोहराम का दृश्य बन गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए और चीख-पुकार का माहौल बन गया.
अलर्ट पर मेडिकल टीमें
स्थानीय प्रशासन ने पुष्टि की है कि इस हमले में मौके पर ही दस लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. इसके अलावा 12 लोग घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है. घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया और मेडिकल टीमें अलर्ट पर रखी गई हैं.
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, सेना और राष्ट्रीय गार्ड के जवान तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे. पूरे इलाके को घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया गया और फॉरेंसिक टीमें सबूत जुटाने में लगी हुई हैं. इसके अलावा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके और उन्हें गिरफ्तार किया जा सके.
गुआनाहुआतो राज्य मेक्सिको में हिंसा के मामले में कुख्यात माना जाता है. यह क्षेत्र औद्योगिक और पर्यटन गतिविधियों के लिए जाना जाता है, लेकिन ड्रग कार्टेल और आपराधिक गिरोहों के बीच वर्चस्व की लड़ाई लगातार जारी रहती है. इस हमले से कुछ घंटे पहले ही इलाके में मानव अवशेष मिलने की घटना सामने आई थी, जिसने स्थानीय सुरक्षा की गंभीरता को और बढ़ा दिया.
विशेषज्ञों का क्या मानना है?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं अक्सर प्रतिद्वंद्वी गिरोहों के बीच बदले या क्षेत्रीय नियंत्रण से जुड़ी होती हैं. हालांकि, इस गोलीबारी के पीछे का सटीक मकसद अभी स्पष्ट नहीं है. मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम ने हाल ही में दावा किया था कि देश में हत्या दर में कमी आई है, लेकिन इस तरह की घटनाएं उनके दावों पर गंभीर सवाल उठाती हैं.


