अमेरिका-ईरान तनाव के बीच तुर्की ने उठाया बड़ा कदम, अधिकारियों ने बताई बड़ी बात
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है, जहां पल-पल बदलते हालात युद्ध की आशंका बढ़ा रहे हैं. ऐसे में तुर्की ने शांति की उम्मीद जगाई है और दोनों देशों को बातचीत की मेज पर लाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं.

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच तुर्की एक अहम कूटनीतिक भूमिका निभाने की कोशिश में जुटा है. क्षेत्र में संभावित सैन्य टकराव को टालने की उम्मीद के साथ अंकारा दोनों देशों को बातचीत की मेज पर लाने के प्रयास कर रहा है. हालांकि, अभी तक न तो अमेरिका और न ही ईरान ने किसी औपचारिक वार्ता की पुष्टि की है.
इस बीच, अमेरिकी सैन्य गतिविधियों और तीखे राजनीतिक बयानों ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है. तुर्की की पहल, अमेरिका का दबाव और बीते महीनों में हुई घटनाएं. इन सभी ने पश्चिम एशिया की भू-राजनीति को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है.
तुर्की की मध्यस्थता की कोशिश
दो तुर्की अधिकारियों ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि तुर्की अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी नेतृत्व के बीच एक बैठक कराने की कोशिश कर रहा है. एक अधिकारी के मुताबिक, यह बैठक इसी हफ्ते के अंत तक हो सकती है. फिलहाल, दोनों पक्षों की ओर से किसी भी संभावित बातचीत को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
अमेरिका की सैन्य तैनाती
अमेरिकी मिलिट्री ने USS अब्राहम लिंकन के साथ कई गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर को मिडिल ईस्ट में तैनात किया है. हालांकि, यह अब भी स्पष्ट नहीं है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का अंतिम फैसला करेंगे या नहीं. ट्रंप पहले भी कई बार ईरान के खिलाफ बल प्रयोग की चेतावनी दे चुके हैं, लेकिन अब तक संघर्ष को बढ़ाने वाला कोई कदम नहीं उठाया गया है. अमेरिका लगातार ईरान पर किसी समझौते के लिए दबाव बनाए हुए है.
ट्रंप का बयान
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने वाली डील को लेकर ट्रंप लगातार दबाव बना रहे हैं. हाल ही में ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि हमारी ईरान के साथ बातचीत चल रही है, हम देखेंगे कि यह सब कैसे होता है.
जब उनसे पूछा गया कि ईरान के खिलाफ मिलिट्री कार्रवाई की उनकी सीमा क्या होगी, तो उन्होंने विस्तार से बताने से इनकार कर दिया. ट्रंप ने कहा कि मैं चाहता हूं कि एक डील पर बातचीत हो. अभी, हम उनसे बात कर रहे हैं, हम ईरान से बात कर रहे हैं.
पहले भी हो चुकी हैं बातचीत
इससे पहले, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और स्टीव विटकॉफ पिछले साल रोम और ओमान में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कई दौर की बातचीत कर चुके हैं. हालांकि, इन बैठकों के बावजूद किसी अंतिम समझौते पर सहमति नहीं बन सकी.
युद्ध ने रोकी कूटनीति
बीते साल 13 जून को इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद दोनों देशों के बीच 12 दिन तक युद्ध चला. इस संघर्ष के चलते कूटनीतिक बातचीत प्रभावी रूप से ठप हो गई थी. युद्ध के दौरान अमेरिका ने भी ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर बमबारी की थी.
ईरान में मौतों के आंकड़े
मीडिया के अनुसार, ईरान में प्रदर्शनों पर कार्रवाई के दौरान कम से कम 6,848 लोगों की मौत हुई है और 49,930 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. वहीं, 21 जनवरी तक ईरान सरकार ने मरने वालों की संख्या 3,117 बताई, जिसमें 2,427 नागरिक और सुरक्षा बल शामिल बताए गए, जबकि बाकी को आतंकवादी करार दिया गया.


