दिल्ली पुलिस पर भरोसा खत्म! ममता बनर्जी ने राजधानी में बुलाई अपनी 'प्राइवेट आर्मी', दीदी को किससे लग रहा डर?
सीएम ममता मुखर्जी दिल्ली दौरे पर हैं, लेकिन उन्हें अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोलकाता से स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स बुला ली है. दिल्ली पुलिस की सख्ती के बावजूद भी उन्होंने यह कदम उठाया है.

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दिल्ली दौरे पर हैं, लेकिन यहां की सुरक्षा को लेकर उन्होंने अपना अलग इंतजाम किया है. दिल्ली पुलिस की सख्ती के बावजूद उन्होंने कोलकाता से स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स बुला ली है. इससे सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ममता को किस बात का डर है और दिल्ली पुलिस पर उनका भरोसा क्यों नहीं है?
कोलकाता से दिल्ली पहुंची स्पेशल टीम
सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी ने डीएसपी रैंक के एक अधिकारी के नेतृत्व में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की 22 सदस्यीय टीम को विमान से दिल्ली भेजा है. यह टीम बंग भवन, राज्य अतिथि गृह और TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास की सुरक्षा संभाल रही है. पहले से दिल्ली पुलिस तैनात है, लेकिन अब बंगाल पुलिस की यह टीम भी वहां गश्त कर रही है. ममता ने आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस SIR पीड़ितों को बंग भवन में परेशान कर रही है.
SIR पीड़ितों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी ममता
मंगलवार को ममता बनर्जी दोपहर 3 बजे बंग भवन में SIR पीड़ितों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी. शाम 4 बजे 181 साउथ एवेन्यू में हाई टी पार्टी का आयोजन है, जिसमें सभी TMC सांसदों को बुलाया गया है. माना जा रहा है कि यह दिन काफी व्यस्त और तनावपूर्ण रहेगा, क्योंकि ममता चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगी.
ममता और EC के बीच बढ़ा विवाद
ममता बनर्जी और चुनाव आयोग के बीच विवाद चरम पर पहुंच गया है. सोमवार को उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की, लेकिन मीटिंग बीच में छोड़कर चली गईं. उन्होंने आयोग पर BJP के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया.
ममता ने कहा कि आयोग के अधिकारी अहंकारी हैं और उनके प्रतिनिधिमंडल का अपमान किया गया. SIR प्रभावित परिवारों के सदस्यों के साथ काले शॉल ओढ़कर विरोध जताते हुए उन्होंने मीटिंग की. बाहर आकर मीडिया से बात में उन्होंने कहा, "आयोग जिम्मेदार है, वे झूठ बोल रहे हैं. हम जनता की ताकत से लड़ेंगे."
SIR मुद्दे पर जारी विवाद को लेकर मांगा सुरक्षा
दिल्ली में संभावित विरोध प्रदर्शन या अप्रिय घटनाओं से बचने के लिए ममता बनर्जी ने यह कदम उठाया है. चुनाव आयोग को 'BJP का दलाल' कहने के बाद राजनीतिक माहौल गर्म है. वे दिल्ली पुलिस पर भरोसा न करके अपनी भरोसेमंद बंगाल फोर्स पर निर्भर हैं. सूत्रों का कहना है कि SIR मुद्दे पर जारी विवाद से तनाव बढ़ा है और ममता कोई रिस्क नहीं लेना चाहतीं.


