तीसरी दुनिया के देशों से माइग्रेशन पर डोनाल्ड ट्रंप ने लगाई रोक, क्या इसमें भारत का भी नाम शामिल?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीसरी दुनिया के सभी देशों के माइग्रेशन पर रोक लगा दी है. ट्रंप ने यह निर्णय हाल ही में हुए घटना को देखते हुए लिया है. क्या तीसरी दुनिया में भारत का नाम भी है शामिल.

Sonee Srivastav

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ देशों के माइग्रेशन पर रोक लगाने का ऐलान किया है. बता दें, यह रोक तीसरी दुनिया के देशों पर लगाया जाएगा. ट्रम्प ने अचानक से यह फैसला उस घटना को देखते हुए लिया है, जिसमे दो नेशनल गार्ड्स को गोली मार दी गई थी.

दरअसल एक अफगानी नागरिक ने वॉशिंगटन में दो नेशनल गार्ड्स को गोली मार दी थी, जिसके कारण डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए यह बताया कि तीसरी दुनिया के देशों से माइग्रेशन पर रोक लगा देनी चाहिए. अब आप भी सोच रहे होंगे ये तीसरी दुनिया क्या है और इसके अंदर क्या भारत भी आता हैं ?

क्या है तीसरी दुनिया ?

पहली, दूसरी और तीसरी दुनिया जैसे शब्द कोल्ड वॉर के दौरान आए. उस वक्त अमेरिकी नेतृत्व वाला पश्चिमी गुट था, जिसे फर्स्ट वर्ल्ड कहा जाता था, यानी पहली दुनिया. वहीं साम्यवादी पूर्वी गुट को सेकंड वर्ल्ड कहा जाता था, यानी दूसरी दुनिया. जो इन दोनों गुट में शामिल नहीं हुए उन्हें थर्ड वर्ल्ड कहा जाता था, यानी तीसरी दुनिया. बता दें, तीसरी दुनिया अविकसित थी और उसे आउटडेटेड माना जाता था. 

कौन सा देश किस दुनिया में है आता ?

पहली दुनिया में पश्चिमी यूरोप, जापान, दक्षिण कोरिया, उत्तरी अमेरिका,आयरलैंड, फिनलैंड, स्पेन, स्विटजरलैंड, स्वीडन और ऑस्ट्रेलिया समेत और कई देश शामिल थे. वहीं दूसरी दुनिया में पूर्वी यूरोप, पोलैंड, पूर्वी जर्मनी, चेकोस्लोवाकिया, सोवियत गणराज्य और बाल्कन्स के साथ चीन से जुड़े एशियाई कम्यूनिस्ट देश, जैसे मंगोलिया, उत्तरी कोरिया, विएतनाम, लाओस और कंबोडिया आते थे.

अब बात करें तीसरी दुनिया की तो इसमें आर्थिक और कृषि में पिछड़े और अविकसित जैसे देश थे. जैसे अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के इस श्रेणी के देश शामिल थे. हालांकि इस लिस्ट में भारत का नाम नहीं है. यानी कि ट्रंप द्वारा लगाया जा रहा नियम भारत पर लागू नहीं होगा. 

 लंबित सभी अनुरोधों पर लागू होगी यह नियम 

ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि तीसरी दुनिया से आए प्रवासियों को जारी सभी ग्रीन कार्ड की कड़े तरीके दोबारा चेक किया जाएगा. यह नई नीति 27 नवंबर 2025 या उसके बाद दायर किए गए अथवा लंबित सभी अनुरोधों पर लागू होगी.  

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