ईरान में खामेनेई विरोधी प्रदर्शनों पर पहली फांसी की तैयारी! 26 साल के युवक इरफान सोल्तानी को दी जाएगी सजा-ए-मौत

26 साल के युवा प्रदर्शनकारी इरफान सोल्तानी को पिछले हफ्ते ईरान में खामेनेई सरकार के खिलाफ विरोध करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. अब उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई है, जो बहुत जल्द हो सकती है.।

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

नई दिल्ली: ईरान में आयतुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ भड़के देशव्यापी प्रदर्शनों के बीच एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज घटनाक्रम सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी प्रशासन 26 वर्षीय एरफान सोल्तानी को फांसी देने की तैयारी कर रहा है, जो मौजूदा विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी पहली ‘हैंगिंग एक्जीक्यूशन’ हो सकती है. इस खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकार संगठनों की चिंता और भी गहरा गई है.

तेहरान के कराज उपनगर के फर्दिस इलाके में रहने वाले एरफान सोल्तानी को 8 जनवरी को खामेनेई विरोधी प्रदर्शनों में हिस्सा लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. मानवाधिकार संगठनों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी सजा बुधवार को लागू की जा सकती है, जिससे ईरान में जारी आंदोलन के बीच माहौल और तनावपूर्ण हो गया है.

विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी पहली फांसी की तैयारी

ईरान में असंतोष को दबाने के लिए पहले भी मौत की सजा का इस्तेमाल किया गया है, लेकिन अब तक अधिकतर मामलों में लोगों को गोली मारकर मारा गया था. इस बार एरफान सोल्तानी को कथित तौर पर फांसी दी जाएगी, जो मौजूदा विरोध प्रदर्शनों के दौरान पहली ऐसी सजा होगी.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, सोल्तानी का मामला “फास्ट-ट्रैक एक्जीक्यूशंस” की शुरुआत हो सकता है, जिनका मकसद आगे होने वाले प्रदर्शनों को डर के जरिए रोकना बताया जा रहा है.

कानूनी प्रक्रिया पर उठे सवाल

ह्यूमन राइट्स ने इस मामले में पारदर्शिता की भारी कमी पर चिंता जताई है. संगठन का कहना है कि पूरी कानूनी प्रक्रिया संदिग्ध और अपारदर्शी है. लेबनानी-ऑस्ट्रेलियाई उद्यमी मारियो नवफल ने अपने सत्यापित एक्स अकाउंट पर एरफान सोल्तानी को लेकर पोस्ट किया और कहा कि यह फांसी पहली हो सकती है, साथ ही आरोप लगाया कि ईरानी प्रशासन भीड़ को नियंत्रित करने के लिए डर का इस्तेमाल कर रहा है.

वकील तक नहीं मिली पहुंच

गिरफ्तारी के बाद से ही सोल्तानी को कथित तौर पर बुनियादी कानूनी अधिकारों से वंचित रखा गया है. उन्हें न तो किसी वकील से मिलने दिया गया और न ही अपने बचाव में कुछ कहने का मौका मिला. उनके परिवार को भी यह नहीं बताया गया कि उन्हें किस एजेंसी ने गिरफ्तार किया है.

एक रिपोर्ट के हवाले से बताया गया कि 11 जनवरी को परिवार को सोल्तानी की मौत की सजा की जानकारी दी गई. इसके बाद उन्हें सिर्फ 10 मिनट के लिए उनसे मिलने दिया गया.

बहन को क्यों नहीं मिला केस लड़ने का अधिकार

परिवार के एक करीबी सूत्र ने हेंगाव को बताया कि अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि सजा अंतिम है और तय समय पर ही लागू की जाएगी. सूत्र ने यह भी कहा कि सोल्तानी की बहन, जो एक लाइसेंस प्राप्त वकील हैं, उन्होंने कानूनी रास्ते से मामले को आगे बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन अब तक उन्हें न तो केस फाइल दी गई है और न ही अपने भाई का बचाव करने की अनुमति मिली है.

विरोध प्रदर्शनों में भारी मौतों का दावा

मारियो नवफल ने यह भी दावा किया कि खामेनेई विरोधी प्रदर्शनों के दौरान अब तक 2,000 लोगों की जान जा चुकी है.

कैसे शुरू हुआ ईरान का यह जनआंदोलन?

ईरान में यह नया आंदोलन दिसंबर 2025 के आखिर में शुरू हुआ था. इसकी वजह गहरा आर्थिक संकट बताया गया, जिसमें ईरानी रियाल की कीमत में तेज गिरावट, बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा की चीजों के दामों में भारी उछाल शामिल है. प्रदर्शन सबसे पहले तेहरान के बाजारों में शुरू हुए और फिर देश के कई शहरों में फैल गए, जहां दुकानदार, छात्र और आम लोग सड़कों पर उतर आए.

आर्थिक विरोध से सत्ता विरोध तक

शुरुआत में ये प्रदर्शन महंगाई और आर्थिक हालात के खिलाफ थे, लेकिन अब यह आंदोलन खामेनेई की सरकार को हटाने की मांग करने वाले सबसे बड़े राष्ट्रीय आंदोलनों में बदल चुका है. कार्यकर्ता व्यापक सुधारों और धार्मिक नेतृत्व के शासन के अंत की मांग कर रहे हैं.

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