बस ड्राइवर से लेकर राष्ट्रपति बनने तक का सफर...जानिए कौन हैं निकोलस मादुरो, जिन्हें पकड़ने का दावा ट्रंप ने किया
अमेरिका के द्वारा वेनेजुएला की राजधानी काराकस समेत कई इलाकों पर हमले किए गए है. इस घनटा ने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर दावा किया है कि उन्होंने वेनेजुएला में सैन्य ऑपरेशन चलाकर वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को सिलिया को गिरफ्तार कर लिया है. इसी बीच आज हम निकोलस मादुरो के बारे में विस्तार से जानेंगे...

नई दिल्ली : शनिवार की सुबह अंतरराष्ट्रीय राजनीति में उस समय हलचल मच गई, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सनसनीखेज दावा किया. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर किए गए अपने बयान में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने वेनेजुएला में बड़े स्तर पर सैन्य कार्रवाई करते हुए वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को हिरासत में ले लिया है. इस दावे ने वैश्विक समुदाय को चौंका दिया है.
ट्रुथ सोशल पर ट्रंप का बड़ा ऐलान
कौन हैं निकोलस मादुरो ?
निकोलस मादुरो का जन्म वर्ष 1962 में हुआ था. उन्होंने अपने जीवन की शुरुआत एक बस चालक और मेट्रो यूनियन नेता के रूप में की. धीरे-धीरे वे वेनेजुएला की राजनीति में उभरे और पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज के करीबी सहयोगी बने. मादुरो ने 2006 से 2013 तक देश के विदेश मंत्री के रूप में कार्य किया और क्षेत्रीय संगठनों के गठन में सक्रिय भूमिका निभाई. वर्ष 2012 में उन्हें उपराष्ट्रपति बनाया गया और चावेज के निधन के बाद 2013 में उन्होंने राष्ट्रपति पद संभाला.
धमाकों से कांपा काराकस
ट्रंप के दावे से पहले वेनेजुएला की राजधानी काराकस में तड़के सुबह तेज धमाकों की खबरें सामने आई थीं. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शहर के कई हिस्सों में कम से कम सात जोरदार विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं. इसके साथ ही, आसमान में कम ऊंचाई पर उड़ते लड़ाकू विमानों की आवाज ने लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया.
अमेरिकी विशेष बलों की भूमिका की चर्चा
मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि इस कथित सैन्य अभियान को अमेरिकी सेना की अत्यंत गोपनीय और प्रशिक्षित इकाई द्वारा अंजाम दिया गया. हालांकि, अमेरिकी प्रशासन या वेनेजुएला सरकार की ओर से इस संबंध में कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है. ऐसे में पूरी दुनिया की नजरें अब इस दावे की पुष्टि और आने वाली कूटनीतिक प्रतिक्रियाओं पर टिकी हुई हैं


