गुप्त तेल कारोबार पर भारत की बड़ी कार्रवाई... मुंबई तट के पास ईरान के 3 प्रतिबंधित जहाज जब्त

भारत ने मुंबई तट के पास ईरान से जुड़े तीन संदिग्ध तेल टैंकर जब्त किए हैं. अधिकारियों ने अवैध समुद्री तेल व्यापार रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी है. ईरानी कंपनी ने जहाजों से किसी भी संबंध से इनकार किया है.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: भारत ने अपने समुद्री क्षेत्र में इस महीने तीन संदिग्ध तेल टैंकरों को जब्त कर लिया है. इस घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है, खासकर इसलिए क्योंकि इन जहाजों के तार ईरान से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स को मिली जानकारी के अनुसार भारत ने इस महीने जिन तीन जहाजों को रोका, उनके नाम स्टेलर रूबी, एस्फाल्ट स्टार और अल जाफजिया हैं. 

भारतीय अधिकारियों ने 6 फरवरी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी साझा की थी, जिसे बाद में हटा दिया गया. सूत्रों के अनुसार, इन जहाजों को मुंबई तट से लगभग 100 समुद्री मील पश्चिम में रोका गया और आगे की जांच के लिए मुंबई लाया गया.

अवैध तेल व्यापार पर सख्ती

सूत्रों का कहना है कि भारत यह सुनिश्चित करना चाहता है कि उसके समुद्री क्षेत्र का उपयोग प्रतिबंधित तेल के स्रोत को छिपाने के लिए न किया जाए. अक्सर ऐसे मामलों में समुद्र के बीच एक जहाज से दूसरे जहाज में तेल का स्थानांतरण किया जाता है, जिससे माल की असली उत्पत्ति छिपाई जा सके. 

यह तरीका अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने के लिए अपनाया जाता है. जब्ती के बाद भारतीय तटरक्षक बल ने निगरानी और कड़ी कर दी है. जानकारी के अनुसार, करीब 55 जहाज और 10 से 12 विमान चौबीसों घंटे समुद्री क्षेत्रों पर नजर रख रहे हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत पकड़ा जा सके.

ईरान ने किया इनकार

ईरानी सरकारी मीडिया ने नेशनल ईरानी ऑयल कंपनी के हवाले से कहा है कि इन तीनों जहाजों या उनके माल का कंपनी से कोई संबंध नहीं है. हालांकि, शिपिंग डेटा के अनुसार, दो टैंकरों के ईरान से जुड़े होने के संकेत मिले हैं. अल जाफजिया ने 2025 में ईरान से जिबूती तक ईंधन तेल पहुंचाया था, जबकि स्टेलर रूबी ईरान में पंजीकृत बताया गया है. एस्फाल्ट स्टार मुख्य रूप से चीन के आसपास के समुद्री मार्गों पर सक्रिय रहा है.

भारत-अमेरिका संबंधों में सुधार 

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और भारत के बीच संबंधों में सुधार देखने को मिल रहा है. हाल ही में वाशिंगटन ने घोषणा की थी कि भारत द्वारा रूसी तेल आयात रोकने पर सहमति जताने के बाद भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क में बड़ी कटौती की जाएगी. ऐसे में इन टैंकरों की जब्ती को वैश्विक प्रतिबंधों के पालन के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है.

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