इंडिया AI समिट में शामिल होने पहुंचे मैक्रॉन, टेक्नोलॉजी सहयोग पर बड़ा ऐलान संभव
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन तीन दिवसीय भारत दौरे पर मुंबई पहुंचे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बैठक में रक्षा सहयोग, 114 राफेल सौदे, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नवाचार वर्ष 2026 जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी.

मुंबई: भारत-फ्रांस रिश्तों को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन अपनी पत्नी ब्रिगिट मैक्रॉन के साथ सोमवार रात मुंबई पहुंचे. तीन दिन की इस आधिकारिक यात्रा को दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. खास बात यह है कि इस बार बातचीत का केंद्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रक्षा सहयोग और नई तकनीकों पर रहेगा, जो आने वाले समय में दोनों देशों के संबंधों की दिशा तय कर सकते हैं.
मुंबई हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति मैक्रॉन का स्वागत महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया. यह मैक्रॉन की भारत की चौथी यात्रा है. इससे पहले वे जी20 शिखर सम्मेलन और गणतंत्र दिवस समारोह में भी भाग ले चुके हैं. उनकी इस यात्रा को भारत-फ्रांस संबंधों के अगले चरण की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है.
पीएम मोदी से अहम मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 फरवरी को मुंबई में राष्ट्रपति मैक्रॉन से मुलाकात करेंगे. इस बैठक में दोनों नेता अब तक हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे और भविष्य की सहयोग योजना तय करेंगे. विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह मुलाकात रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी.
बैठक में रक्षा क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. हेलीकॉप्टरों और हैमर सटीक निर्देशित मिसाइलों के संयुक्त निर्माण पर चर्चा होने की संभावना है. इसके साथ ही ‘मेक इन इंडिया’ के तहत 114 राफेल लड़ाकू विमानों के बड़े सौदे पर भी बातचीत हो सकती है. तकनीक हस्तांतरण और संयुक्त उत्पादन पर भी जोर रहेगा.
एआई और उभरती तकनीकों पर होगा फोकस
इस यात्रा का एक बड़ा उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना है. मुंबई में भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 की शुरुआत की जाएगी. इस पहल का मकसद दोनों देशों के स्टार्टअप, शोध संस्थानों और उद्योग जगत के बीच साझेदारी को मजबूत करना है.
मैक्रॉन 18 फरवरी को नई दिल्ली जाएंगे, जहां वे भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में हिस्सा लेंगे. यह सम्मेलन 16 से 20 फरवरी तक चलेगा और इसे ग्लोबल साउथ में आयोजित पहला वैश्विक एआई सम्मेलन बताया जा रहा है. इस मंच पर नई तकनीकों, डिजिटल विकास और जिम्मेदार एआई उपयोग जैसे विषयों पर चर्चा होगी.
भारत-फ्रांस के बीच मजबूत रिश्ते
भारत और फ्रांस के बीच रक्षा, अंतरिक्ष, नागरिक परमाणु ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और शिक्षा जैसे कई क्षेत्रों में पहले से मजबूत सहयोग है. 2018 में मैक्रॉन की पहली भारत यात्रा के बाद संबंधों में और मजबूती आई है. दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र समेत वैश्विक मुद्दों पर भी मिलकर काम कर रहे हैं.
मुंबई में दोनों नेता समझौता ज्ञापनों के आदान-प्रदान के साक्षी बनेंगे और ताज महल पैलेस होटल में आयोजित नवाचार मंच तथा गेटवे ऑफ इंडिया में सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेंगे. 19 फरवरी को राष्ट्रपति मैक्रॉन विभिन्न औपचारिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद पेरिस के लिए रवाना होंगे.


