गाजा में शांति के बीच अब इस मुस्लिम देश पर टूटा इजरायल का कहर

गाज़ा में शांति की कोशिशों के बीच इज़रायल ने लेबनान में हिज़्बुल्लाह के कथित हथियार अड्डे पर हमला कर उसे ध्वस्त करने का दावा किया. आईडीएफ ने लेबनान पर युद्धविराम समझौते के उल्लंघन और हथियार जमा करने का आरोप लगाया है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

हमास और इज़रायल के बीच गाज़ा पट्टी में हाल ही में शांति की कोशिशें दिखाई दे रही हैं. पिछले दो सालों से जारी संघर्ष के बाद इज़रायली सेना धीरे-धीरे पीछे हटती दिख रही है. लेकिन इसी बीच एक नया मोर्चा खुल गया है. इज़रायल ने शुक्रवार को पड़ोसी देश लेबनान के दक्षिणी इलाके आयता अश-शब पर हमला करते हुए हिज़्बुल्लाह के कथित हथियार अड्डे को ध्वस्त करने का दावा किया है.

खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई

रिपोर्ट के अनुसार, आईडीएफ को खुफिया जानकारी मिली थी कि हिज़्बुल्लाह वहां हथियारों का ज़खीरा जमा कर रहा है. इसी आधार पर सैनिकों ने इमारत पर कार्रवाई की, तलाशी ली और वहां मौजूद हथियारों को जब्त किया. सेना का कहना है कि यह कार्रवाई सुरक्षा कारणों से ज़रूरी थी.

युद्धविराम उल्लंघन का आरोप

आईडीएफ ने इस हमले को उचित ठहराते हुए लेबनान पर युद्धविराम समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया. इज़रायली सेना ने कहा कि 27 सितंबर 2024 को हुए युद्धविराम समझौते के बावजूद हिज़्बुल्लाह इस क्षेत्र में लगातार हथियारों का जखीरा इकट्ठा कर रहा था. यह कदम समझौते की शर्तों का साफ-साफ उल्लंघन है.

फरवरी के बाद से तनाव

गौरतलब है कि 18 फरवरी को युद्धविराम की समय सीमा समाप्त होने के बाद से लेबनान और इज़रायल के बीच तनाव बना हुआ है. दोनों देशों की सीमाओं पर समय-समय पर गोलीबारी और हमले की घटनाएं होती रही हैं. इससे पहले भी इज़रायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के टायर जिले में हवाई हमला किया था.

हिज़्बुल्लाह का बड़ा नेता ढेर

मंगलवार को हुए उस हमले में हिज़्बुल्लाह का वरिष्ठ नेता महमूद अली इस्सा मारा गया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक इस्सा स्थानीय निवासियों की मदद से हिज़्बुल्लाह के वित्तीय और सैन्य ढांचे का प्रबंधन करता था. उसकी मौत को संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

शांति की कोशिशों पर सवाल

गाज़ा में जहां हालात धीरे-धीरे सामान्य होते दिख रहे थे, वहीं लेबनान पर इज़रायल की कार्रवाई ने एक नया संकट खड़ा कर दिया है. क्षेत्रीय विश्लेषकों का कहना है कि यदि ऐसी घटनाएं बढ़ीं तो पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित करना और कठिन हो जाएगा.

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