'ईरान अब सुरक्षित नहीं...', US ने क्यों ईरान में रह रहे नागरिकों को तुरंत निकलने का दिया आदेश

ईरान में तेजी से बिगड़ते हालात के बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है. वर्चुअल एंबेसी की ओर से स्पष्ट कहा गया है कि जो अमेरिकी नागरिक अभी ईरान में मौजूद हैं, वे जल्द से जल्द देश छोड़ दें.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: ईरान में तेजी से बिगड़ते हालातों को देखते हुए अमेरिका ने अपने निगरिको के लिए एडवाइजरी जारी की है. वर्चुअल एंबेसी ने हाई अलर्ट जारी करते हुए कहा की विरोध प्रदर्शन हिंसक हो सकते है जिसमे गिरफ़्तारी, चोटें और मौतें भी हो सकती है इसीलिए जो भी अमेरिकी नागरिक ईरान में मौजूद है, जल्द ही देश छोड़ कर चले जाए.

 आर्थिक संकट और राजनीतिक असंतोष के खिलाफ शुरू हुए ये प्रदर्शन अब हिंसक रूप ले चुके हैं. अमेरिका को आशंका है कि मौजूदा हालात में विदेशी नागरिकों, खासकर अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है. इसी वजह से वॉशिंगटन ने अपने नागरिकों को तत्काल बाहर निकलने की सलाह दी है.

विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका की चेतावनी

अमेरिका ने अपने नागरिकों से साफ कहा है -'ईरान छोड़कर तुरंत चले जाओ'. वर्चुअल एंबेसी की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि मौजूदा प्रदर्शन हिंसक हो सकते हैं, जिनमें गिरफ्तारियां, चोटें और मौतें तक हो सकती हैं. दिसंबर 2025 से शुरू हुआ आंदोलन जनवरी 2026 तक देशभर में फैल चुका है, जिससे कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है.

संचार और यातायात पूरी तरह बाधित

ईरान सरकार ने स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए मोबाइल, लैंडलाइन और इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है. इससे देश में संचार व्यवस्था लगभग ठप हो गई है. कई इलाकों में सड़कें बंद हैं और सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह प्रभावित हुआ है. हालात को देखते हुए कई एयरलाइंस ने ईरान के लिए अपनी उड़ानें रद्द या सीमित कर दी हैं, जिससे देश छोड़ना और मुश्किल हो गया है.

जमीन के रास्ते निकलने की सलाह

अमेरिकी नागरिकों को सलाह दी गई है कि यदि संभव हो तो वे जमीन के रास्ते आर्मेनिया या तुर्की की ओर निकल जाएं. एडवाइजरी में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ईरान में अमेरिका का कोई दूतावास नहीं है, इसलिए मदद बेहद सीमित हो सकती है. ऐसे में नागरिकों को अमेरिकी सरकार पर निर्भर रहने के बजाय खुद सुरक्षित निकलने की योजना बनानी चाहिए.

31 प्रांतों में फैला विरोध, सैकड़ों मौतें

मौजूदा प्रदर्शन ईरान के हालिया इतिहास में सबसे बड़े माने जा रहे हैं, जो देश के 31 प्रांतों तक फैल चुके हैं. प्रदर्शनकारी सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई और इस्लामी शासन के खिलाफ खुलकर नारे लगा रहे हैं. मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों को गिरफ्तार किया गया है.

इंटरनेट ब्लैकआउट के चलते सटीक आंकड़े सामने आना मुश्किल है, लेकिन कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों पर लाइव फायरिंग तक की गई है.

अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता टकराव

ईरान सरकार ने इन प्रदर्शनों को अमेरिका और इजरायल की साजिश करार दिया है, जबकि प्रदर्शनकारी आर्थिक बदहाली और मानवाधिकार उल्लंघनों को इसका कारण बता रहे हैं. इसी बीच इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि कहीं अमेरिका ईरान पर सीधा हमला न कर दे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए 25% टैरिफ की घोषणा की है और सैन्य विकल्पों के संकेत भी दिए हैं. इस बढ़ते तनाव ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और वैश्विक चिंता को और गहरा कर दिया है.

दोहरी नागरिकों पर भी गिरफ्तारी का खतरा

अमेरिका ने विशेष रूप से दोहरी नागरिकता रखने वाले अपने नागरिकों को सतर्क रहने को कहा है. मौजूदा हालात में उन्हें भी गिरफ्तारी और पूछताछ का सामना करना पड़ सकता है. इसी वजह से अमेरिका ने अपने नागरिकों से जल्द से जल्द ईरान छोड़ने की अपील दोहराई है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag