भारत-बांग्लादेश रिश्तों में नई गर्माहट, ‘तारिक भाई’ को ममता बनर्जी ने दी बधाई

बांग्लादेश चुनाव में BNP ने दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है. पार्टी प्रमुख तारिक रहमान 17 फरवरी को प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. ममता बनर्जी ने उन्हें बधाई देते हुए फूल और मिठाई भेजी, जबकि अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने भी शुभकामनाएं दी हैं.

Shraddha Mishra

बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. आम चुनाव में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया है. पार्टी प्रमुख तारिक रहमान अब प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने की तैयारी में हैं. माना जा रहा है कि 17 फरवरी को उनका शपथ ग्रहण समारोह होगा, जिसके लिए कई देशों के प्रमुखों को निमंत्रण भेजा जा रहा है.

13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने दो-तिहाई बहुमत हासिल कर राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं. लंबे समय बाद पार्टी की सत्ता में वापसी को एक बड़े राजनीतिक उलटफेर के रूप में देखा जा रहा है. यह जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि तारिक रहमान करीब 17 साल तक लंदन में निर्वासन में रहे और दिसंबर 2025 में स्वदेश लौटे थे. वापसी के कुछ ही समय बाद मिली यह सफलता उनके राजनीतिक करियर का अहम मोड़ मानी जा रही है.

ममता बनर्जी ने भेजी बधाई

इस जीत के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खास अंदाज में बधाई दी है. उन्होंने तारिक रहमान को फूलों का गुलदस्ता और मिठाई भेजी. यह कदम केवल शिष्टाचार नहीं, बल्कि भारत और बांग्लादेश के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने की पहल के रूप में भी देखा जा रहा है.

BNP के गुलशन स्थित राजनीतिक कार्यालय में पार्टी के प्रतिनिधियों ने यह उपहार स्वीकार किया. इससे पहले ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तारिक रहमान को ‘तारिक भाई’ कहकर शुभकामनाएं दीं और बांग्लादेश की जनता को बधाई दी. उन्होंने रमजान की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बधाइयों का दौर

चुनाव परिणामों के बाद अंतरिम सरकार के प्रमुख और नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस समेत कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने भी तारिक रहमान को जीत की बधाई दी है. आने वाले शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने की तैयारी की जा रही है, जिसमें विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है.

तारिक रहमान के नेतृत्व में बनने वाली नई सरकार से देश में राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक सुधारों की उम्मीद की जा रही है. लंबे समय के बाद सत्ता में वापसी करने वाली BNP के सामने चुनौतियां भी कम नहीं होंगी. जनता की अपेक्षाएं बड़ी हैं और क्षेत्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी नजर रहेगी.

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