मिडिल ईस्ट जंग ने मचाया हंगामा, UAE में टमाटर ₹250 किलो, प्याज ने भी रुला दिया
प्याज-टमाटर की कीमतों में रोज का रोलरकोस्टर देखकर लोग तंग आ चुके थे. अब सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. अर्थव्यवस्था मंत्रालय ने विशेष निरीक्षण टीमों को हर दिन बाजारों में भेजकर कीमतों की बारीकी से निगरानी शुरू कर दी है. आम आदमी ने इस फैसले का स्वागत किया है.

नई दिल्ली: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध ने मध्य पूर्व को आग में झोंक दिया है और इसकी लपटें अब पूरी दुनिया तक पहुंच रही हैं. तेल उत्पादक देशों ने हमलों के बीच क्रूड ऑयल उत्पादन में कटौती का ऐलान किया है, जबकि होर्मुज स्ट्रेट में टैंकरों की आवाजाही पर ब्रेक लगने से वैश्विक स्तर पर तेल-गैस संकट गहरा गया है. इस वैश्विक अशांति का सीधा असर संयुक्त अरब अमीरात में महंगाई के रूप में सामने आ रहा है, जहां टमाटर और प्याज जैसी रोजमर्रा की सब्जियों की कीमतों में भारी उछाल ने आम लोगों को परेशान कर दिया है.
मात्र दो दिनों में इन सब्जियों के दाम आसमान छू गए हैं, जिससे रसोई का बजट बिगड़ गया है. यूएई के अर्थव्यवस्था मंत्रालय ने क्षेत्रीय संकट को इस अस्थायी मूल्य वृद्धि का मुख्य कारण बताया है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि बाजार में अचानक आई इस महंगाई ने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित किया है.
दो दिन में टमाटर की कीमत दोगुनी
मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अल क्वोज के निवासी रिशाद अहमद ने बताया कि उन्हें यह जानकर भारी चिंता हुई कि उनके पड़ोस के सुपरमार्केट में टमाटर की कीमतें 10 दिरहम (करीब 250 रुपये) प्रति किलो तक पहुंच गई हैं, जो महज 5 दिरहम प्रति किलोग्राम थी. अर्थव्यवस्था मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, बीते दो दिनों में ही टमाटर की कीमतों में यह भारी वृद्धि दर्ज की गई है.
प्याज की कीमतों ने भी बढ़ाई मुश्किलें
युद्ध के बीच टमाटर के साथ-साथ प्याज की कीमतों में भी तेजी आई है. पिछले हफ्ते जहां प्याज 4 दिरहम प्रति किलो बिक रहा था, अब यह बढ़कर 7 दिरहम (करीब 175 रुपये) प्रति किलो पर पहुंच गया है. दुबई निवासी अब्दुल्ला ई ने बताया कि मिडिल ईस्ट में अशांति शुरू होने के बाद से वे अल अवेर बाजार लगातार जाते रहे हैं और कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव ही नजर आ रहा था. हालांकि कुछ फलों और सब्जियों की कीमतों में अचानक बहुत तेज वृद्धि हुई.
कीमतों पर काबू पाने के लिए त्वरित कार्रवाई
यूएई के अर्थव्यवस्था मंत्रालय ने महंगाई की खबरों के बीच तुरंत एक्शन लिया है. आर्थिक विकास विभागों ने मिलकर विशेष निरीक्षण दल गठित किए हैं, जो अब एक संयुक्त राष्ट्रीय निगरानी दल के तहत रोजाना बाजारों का दौरा कर अनुचित मूल्य वृद्धि पर नजर रख रहे हैं और इसे रोकने के प्रयास कर रहे हैं. खरीदारों ने मंत्रालय के इन निगरानी प्रयासों का स्वागत किया है. स्थानीय निवासियों ने कहा जब मंत्री ने खुद टमाटर, प्याज जैसी चीजों में मूल्य वृद्धि को स्वीकार कर लिया है और कीमतों पर लगातार मंत्रालय निगरानी रख रहा है, तो ये राहत भरा है. इसके अलावा अतिरिक्त मात्रा में इन चीजों की आपूर्ति भी की गई है, जिससे कीमतें निश्चित रूप से कम होंगी.
रेग्युलेटेड वस्तुओं पर सख्त नियम
रिपोर्ट के मुताबिक, यूएई में 9 प्रमुख वस्तुएं रेग्युलेटर मूल्य निर्धारण नीतियों के अंतर्गत आती हैं. इनमें एडिबल तेल, अंडे, मिल्क प्रोडक्ट्स, चावल, चीनी, मुर्गी पालन, दालें, रोटी और गेहूं शामिल हैं. इन वस्तुओं की कीमतों में मंत्रालय की पूर्व स्वीकृति के बिना कोई भी वृद्धि नहीं की जा सकती है. अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया है कि आवश्यक वस्तुएं पूरे यूएई में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं. इसके साथ ही उपभोक्ताओं के लिए कई विकल्प भी मौजूद हैं, जिससे चिंता की कोई बात नहीं है.


