मालिक बदल सकता है लेकिन...मचाडो ने ट्रंप को दिया नोबेल पुरस्कार तो भड़क उठी कमेटी, दिखाया आईना
नोबेल शांति पुरस्कार(2025) से सम्मानित मारिया कोरिना मचाडो ने अपना पुरस्कार डोनाल्ड ट्रंप को गिफ्ट में कर दिया. इस पर नोबेल पीस कमेटी ने ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा कि एक मेडल के मालिक तो बदल सकते है, लेकिन नोबेल शांति पुरस्कार विजेता का खिताब नहीं बदल सकता.

नई दिल्ली : नोबेल शांति पुरस्कार 2025 से सम्मानित वेनेजुएला की नेता मारिया कोरिना मचाडो उस समय चर्चा में आ गईं, जब उन्होंने अपना प्रतिष्ठित नोबेल मेडल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भेंट कर दिया. इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद नोबेल पीस सेंटर ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि पुरस्कार का मेडल भले ही किसी को दिया जा सकता है, लेकिन नोबेल शांति पुरस्कार विजेता का आधिकारिक खिताब किसी भी हालत में स्थानांतरित नहीं होता.
नोबेल पीस सेंटर का कड़ा संदेश
मेडल दिया जा सकता है, सम्मान नहीं
नोबेल पीस सेंटर ने अपने बयान में ऐतिहासिक उदाहरणों का भी उल्लेख किया. सेंटर के अनुसार, कुछ मौकों पर पुरस्कार विजेताओं ने अपने मेडल आगे दान किए हैं. सबसे चर्चित मामला दिमित्री मुराटोव का है, जिन्होंने यूक्रेन युद्ध के शरणार्थियों की मदद के लिए अपने नोबेल मेडल को नीलाम कर 100 मिलियन डॉलर से अधिक की राशि जुटाई थी. इसी तरह, नोबेल पीस सेंटर में प्रदर्शित कुछ मेडल उधार लिए गए हैं, जिनमें नॉर्वे के पहले नोबेल शांति पुरस्कार विजेता क्रिश्चियन लुस लांगे का मेडल भी शामिल है.
नियमों पर नहीं हो सकता समझौता
इन उदाहरणों के बावजूद सेंटर ने यह साफ किया कि नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी के नियम बिल्कुल स्पष्ट हैं. एक बार नोबेल पुरस्कार की घोषणा हो जाने के बाद न तो उसे रद्द किया जा सकता है, न बांटा जा सकता है और न ही किसी अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर किया जा सकता है. यह फैसला अंतिम होता है और हमेशा के लिए मान्य रहता है. सेंटर ने दो टूक कहा कि मेडल का स्वामित्व बदल सकता है, लेकिन नोबेल शांति पुरस्कार विजेता का दर्जा नहीं.
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर शेयर किया पोस्ट
डोनाल्ड ट्रंप ने मारिया कोरिना मचाडो से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया. उन्होंने लिखा कि मचाडो से मिलना उनके लिए सम्मान की बात थी और उन्होंने अपने संघर्षों के बावजूद साहस दिखाया है. ट्रंप के अनुसार, मचाडो ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए अपना नोबेल शांति पुरस्कार उन्हें भेंट किया, जिसे उन्होंने आपसी सम्मान का प्रतीक बताया.
नोबेल संस्थान की अंतिम स्थिति
नोबेल संस्थान के प्रवक्ता ने इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि एक व्यक्तिगत उपहार के तौर पर मेडल किसी और को दिया जा सकता है, लेकिन आधिकारिक तौर पर नोबेल शांति पुरस्कार का विजेता वही व्यक्ति रहता है, जिसे यह सम्मान दिया गया है. यह पुरस्कार अपने स्वरूप और मान्यता में अपरिवर्तनीय है. इस बयान के साथ नोबेल संस्थान ने स्पष्ट कर दिया कि सम्मान का मूल अधिकार हमेशा मूल विजेता के पास ही रहता है.


