बलूच विद्रोहियों के डर से कांपा पाकिस्तान, रात के सफर पर लगाई रोक

पाकिस्तान सरकार ने बलूच विद्रोहियों के बढ़ते खतरे के आगे घुटने टेकते हुए बड़ा फैसला लिया है. अब पंजाब से बलूचिस्तान तक रात के समय किसी भी निजी या सार्वजनिक वाहन की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है. यह कदम सुरक्षा कारणों से उठाया गया है.

Shivani Mishra
Edited By: Shivani Mishra

Pakistan-Balochistan: पाकिस्तान सरकार ने बलूचिस्तान में सक्रिय विद्रोहियों के डर से आखिरकार झुकते हुए बड़ा कदम उठाया है. अब पंजाब से बलूचिस्तान तक रात में किसी भी तरह की यात्रा पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है. निजी और सार्वजनिक दोनों तरह के वाहन अब रात के समय बलूचिस्तान में प्रवेश नहीं कर पाएंगे. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर बलूच विद्रोहियों के सफाए के दावे कर रहे थे, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है.

बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा के कई इलाकों पर अब पाकिस्तान का नियंत्रण नाममात्र ही रह गया है. यहां तक कि खुद सेना भी इन क्षेत्रों में प्रवेश करने से डरती है. आए दिन हो रहे हमलों और बढ़ती हिंसा के चलते प्रशासन को सख्त निर्णय लेने पर मजबूर होना पड़ा है.

डेरा गाजी खान प्रशासन ने जारी किया आदेश

डेरा गाजी खान के जिला प्रशासन ने एक आधिकारिक परिपत्र जारी कर शाम 5 बजे के बाद बलूचिस्तान में यातायात पर रोक लगा दी है. इस आदेश के तहत अब कोई भी वाहन केवल दिन के समय में ही पंजाब से बलूचिस्तान में प्रवेश या निकास कर सकेगा. डॉन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, उपायुक्त और क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण के अध्यक्ष मुहम्मद उस्मान खालिद ने कहा, "नागरिकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और सुरक्षा उपायों को और अधिक प्रभावी और व्यापक बनाया जा रहा है."

सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल भी लागू

रात्रि यात्रा प्रतिबंध के साथ ही कई नए सुरक्षा दिशा-निर्देश भी लागू किए गए हैं. अब बस टर्मिनलों पर सार्वजनिक परिवहन के सभी चालकों और यात्रियों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी. इसके साथ ही सभी वाहन सुरक्षाकर्मियों के काफिले में चलेंगे ताकि किसी भी हमले या संकट की स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके. इसके अतिरिक्त सभी सार्वजनिक वाहनों में अब सक्रिय सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम और इमरजेंसी पैनिक अलार्म लगाने का निर्देश दिया गया है.

बलूचिस्तान में हिंसा बनी बड़ी चुनौती

बलूचिस्तान लंबे समय से पाकिस्तान सरकार के लिए सिरदर्द बना हुआ है. हाल के महीनों में इस क्षेत्र से कई हिंसक घटनाएं सामने आई हैं. हाल ही में चमन क्षेत्र में हुए संघर्ष में 7 लोग मारे गए और 12 से ज्यादा घायल हो गए. इसके अलावा कुछ समय पहले बलूच विद्रोहियों ने एक ट्रेन को अगवा कर लिया था, जिससे पूरे देश में हड़कंप मच गया था.

बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना पर बार-बार हमले हो रहे हैं और हर हमले के बाद सेना की पकड़ और कमजोर होती जा रही है. अब हालात ऐसे बन चुके हैं कि सरकार को रात में सफर ही प्रतिबंधित करना पड़ रहा है.

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