'पीएम मोदी बहुत महान लेकिन...', टैरिफ पर कोर्ट के फैसले से क्या भारत-US रिश्तों पर पड़ेगा असर?

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप को करारा झटका देते हुए 6-3 के बहुमत से उनके वैश्विक पारस्परिक टैरिफ को पूरी तरह रद्द कर दिया. कोर्ट ने साफ कहा कि 1977 का IEEPA कानून राष्ट्रपति को अकेले इतने बड़े आयात शुल्क थोपने की कोई शक्ति नहीं देता. यह फैसला ट्रंप की आक्रामक व्यापार नीति पर बड़ा ब्रेक लगा सकता है.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले से भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. यह बयान ऐसे समय में आया है जब सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से ट्रंप द्वारा लगाए गए वैश्विक पारस्परिक टैरिफ को रद्द कर दिया. अदालत ने माना कि 1977 के अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम के तहत राष्ट्रपति को आयात शुल्क लगाने की शक्ति नहीं दी गई है.

ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जजों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ जज विदेशी ताकतों के दबाव में आ गए हैं. भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि समझौता पहले की स्थिति से उलट है और अब निष्पक्ष तरीके से लागू होगा.

ट्रंप का भारत-अमेरिका डील पर बयान

ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ डील यह है कि वे टैरिफ देंगे. पहले जो स्थिति थी, उससे यह उलटा है. प्रधानमंत्री मोदी एक महान व्यक्ति हैं, लेकिन वे अमेरिका के खिलाफ काफी चतुर थे. भारत हमें लूट रहा था. अब हमने एक निष्पक्ष समझौता किया है. हम उन्हें टैरिफ नहीं दे रहे और वे हमें दे रहे हैं. हमने थोड़ा फ्लिप किया है.ट्रंप ने जोर देकर कहा कि उनका और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रिश्ता बेहद मजबूत है. उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि भारत के साथ मेरे रिश्ते बहुत अच्छे हैं और हम भारत के साथ ट्रेड कर रहे हैं. भारत रूस से बाहर निकल गया. भारत अपना तेल रूस से ले रहा था. और वे मेरे कहने पर बहुत पीछे हट गए, क्योंकि हम रूस-यूक्रेन को खत्म करना चाहते हैं जिसमें हर महीने 25,000 लोग मर रहे हैं.

भारत-पाकिस्तान सीजफायर पर दोहराया दावा

ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने पिछले साल टैरिफ की धमकी देकर भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध को रोका था. उन्होंने कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध चल रहा था, 10 विमान गिराए जा चुके थे. वह युद्ध शायद परमाणु युद्ध में बदल जाता. मैंने दोनों देशों से कहा कि अगर आप लड़ना चाहते हैं तो ठीक है, लेकिन आप अमेरिका के साथ व्यापार नहीं कर पाएंगे. मैंने दोनों देशों पर 200 फीसदी टैरिफ लगाने की चेतावनी दी. इसके बाद उन्होंने मुझे फोन किया और कहा कि हमने शांति समझौता कर लिया है. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गाजा पीस बोर्ड की बैठक में कहा कि ट्रंप ने 3.5 करोड़ लोगों की जान बचाई.

टैरिफ विवाद का केंद्र बिंदु

ट्रंप ने अपने शासनकाल में टैरिफ को आर्थिक और विदेश नीति का मुख्य हथियार बनाया. उनका मानना है कि इससे व्यापार असंतुलन ठीक होता है और अमेरिकी उद्योगों को संरक्षण मिलता है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में स्पष्ट किया कि अमेरिकी संविधान के अनुसार कर और टैरिफ लगाने का अधिकार कांग्रेस के पास है, राष्ट्रपति के पास नहीं.ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भयानक और पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि वह अदालत के कुछ सदस्यों से शर्मिंदा हैं. उन्होंने कहा कि फैसला केवल टैरिफ वसूली को सीमित करता है. लेकिन अन्य व्यापारिक प्रतिबंधों पर कोई रोक नहीं लगाता. ट्रंप ने कहा- मैं और भी मजबूत फैसले लूंगा.

वसूले गए टैरिफ की वापसी पर सवाल

टैरिफ से इकट्ठा किए गए राजस्व की वापसी के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि यह मुद्दा अदालतों में लंबे समय तक चल सकता है. उन्होंने कहा कि हमने सैकड़ों अरब डॉलर वसूले हैं, लाखों नहीं सैकड़ों अरब. अब सवाल है कि उस पैसे का क्या होगा? यह मुद्दा फैसले में चर्चा तक नहीं हुआ. मुझे लगता है कि यह मामला अगले दो साल या शायद पांच साल तक अदालतों में चलता रहेगा.

मार्च में अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर की संभावना

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता अंतिम दौर में पहुंच चुका है. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि दोनों देशों के बीच अंतरिम व्यापार समझौते पर मार्च में हस्ताक्षर हो सकते हैं और इसे अप्रैल से लागू किया जा सकता है. इस महीने की शुरुआत में नई दिल्ली और वॉशिंगटन ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण की रूपरेखा जारी की थी. 

समझौते को अंतिम रूप देने के लिए दोनों देशों के मुख्य वार्ताकार अगले सप्ताह वॉशिंगटन में मिलेंगे. तीन दिवसीय वार्ता 23 फरवरी से शुरू होगी. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर मार्च में भारत आ सकते हैं, जहां वह इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर करेंगे. प्रस्तावित व्यवस्था में अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर पारस्परिक टैरिफ को 25% से घटाकर 18% करने का ऐलान किया है. साथ ही रूस से कच्चा तेल खरीदने पर लगाए गए 25% टैरिफ भी हटाए गए हैं.यह कदम भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ी राहत है, क्योंकि पहले उन्हें कुल 50% तक शुल्क का सामना करना पड़ता था. गोयल ने उम्मीद जताई कि ट्रंप प्रशासन इस महीने एक कार्यकारी आदेश जारी कर 18% टैरिफ दर को औपचारिक रूप देगा.

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