'दुनिया का फेफड़ा' कैसे बना ब्राजील की अर्थव्यवस्था का इंजन? जानें अमेजन का राज जहां पहूंचे PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों ब्राजील की यात्रा पर हैं और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं. इस दौरान पूरी दुनिया की नजर एक बार फिर उस प्राकृतिक खजाने पर जा टिकी है, जो ब्राजील की पहचान है अमेजन के वर्षावन. इसे ‘दुनिया का फेफड़ा’कहा जाता है, लेकिन यह सिर्फ पर्यावरण ही नहीं, ब्राजील की आर्थिक शक्ति का भी आधार है.

Deeksha Parmar
Edited By: Deeksha Parmar

PM Modi Brazil Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय ब्राजील में BRICS शिखर सम्मेलन में शिरकत कर रहे हैं. कॉफी, सांबा और फुटबॉल के लिए मशहूर यह देश अब एक ऐसे प्राकृतिक खजाने के कारण वैश्विक सुर्खियों में है, जिस पर हर राष्ट्र की नजर है,.मगर वह किसी और के हिस्से में आ ही नहीं सकता.

यह खजाना है अमेजन वर्षावन, जो ब्राजील की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने के साथ-साथ पूरे ग्रह के पर्यावरण संतुलन का आधार भी है. PM मोदी की यात्रा ने एक बार फिर इस ‘दुनिया के फेफड़े’ की महत्ता को केंद्र में ला दिया है.

अमेजन वर्षावन: 60% हिस्सा ब्राजील के नाम

अमेजन का लगभग 60.फीसद इलाका ब्राजील की सीमा में है. इन घने जंगलों की जैव-विविधता, ऑक्सीजन उत्पादन व कार्बन अवशोषण क्षमता ने ब्राजील को आर्थिक और पारिस्थितिक दोनों मोर्चों पर समृद्ध बनाया है.

‘दुनिया का फेफड़ा’ क्यों कहलाता है अमेजन?

पृथ्वी की कुल ऑक्सीजन का करीब 20% यहीं से निकलती है.करोड़ों पेड़ों वाला यह क्षेत्र कार्बन डाईऑक्साइड को सोखकर शुद्ध ऑक्सीजन छोड़ता है, जिससे वैश्विक जलवायु चक्र संतुलित रहता है.प्रचुर नमी और बादलों का निर्माण वर्षा को नियमित रखता है,.जो पूरे दक्षिण अमेरिका के मौसम पर असर डालता है.

हर साल 500 मिलियन से 1अरब डॉलर की कमाई

अमेजन के भीतर बसे इगुआकु फॉल्स, अनगिनत झीलें और दुर्लभ वन्यजीव दुनिया भर के सैलानियों को आकर्षित करते हैं. अकेले इको-टूरिज्म ही ब्राजील के खजाने में अरबों डॉलर जोड़ देता है.

खेती का ‘अनदेखा इंजन’

अमेजन से उठने वाली नमी कॉफी और गन्ने की पैदावार को बढ़ाती है. यही वजह है कि ब्राजील कॉफी और शुगर प्रोडक्शन दोनों में दुनिया का अगुवा है. इसके अलावा अखरोट, अक्का, रबर, शहद और औषधीय जड़ी-बूटियां भी 1.5–2.अरब डॉलर की वार्षिक आय दिलाती हैं.

जैवविविधता: एक ‘जीवित प्रयोगशाला’

वैज्ञानिक अमेजन को.‘लाइटहाउस ऑफ बायोडायवर्सिटी’ कहते हैं. यहां लाखों प्रजातियों पर हो रहा शोध ब्राजील को वैश्विक औषधीय अनुसंधान केंद्र में तब्दील कर रहा है,.जो दीर्घकाल में दवाइयों और नई खोजों का बड़ा आधार बनेगा.

संरक्षण के लिए सख्त कदम

"ब्राजील सरकार ने अमेजन के 50% से अधिक हिस्से को संरक्षित क्षेत्र घोषित किया है,.जहां वाणिज्यिक गतिविधियों पर कड़ा नियंत्रण है." सैटेलाइट मॉनिटरिंग से जंगल की कटाई, आग और अवैध खनन पर रियल‑टाइम निगरानी रखी जाती है. अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी इस हरित धरोहर की रक्षा में आर्थिक सहयोग दे रही हैं.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो