अमेरिका में टेकऑफ के दौरान प्राइवेट जेट में लगी भीषण आग, 8 लोग थे सवार, रेस्क्यू जारी
अमेरिका के मेन राज्य के बैंगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरते ही एक प्राइवेट जेट भीषण आग की लपटों में घिर गया और क्रैश हो गया. विमान में 8 लोग सवार थे. अभी तक किसी की हालत या पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. जांच एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गई हैं.

नई दिल्ली: अमेरिका के मेन राज्य में रविवार शाम एक गंभीर विमान हादसा सामने आया, जिसने हवाई अड्डे पर अफरा-तफरी मचा दी. बैंगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरते समय एक प्राइवेट जेट अचानक आग की चपेट में आ गया और रनवे के पास ही क्रैश हो गया. यह हादसा स्थानीय समयानुसार शाम करीब 7:45 बजे हुआ.
अमेरिकी विमानन नियामक फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि विमान में कुल आठ लोग सवार थे. हादसे के तुरंत बाद जेट में भीषण आग लग गई, जिसके चलते पूरे इलाके में धुएं और लपटों का गुबार फैल गया.
बॉम्बार्डियर चैलेंजर 600 था विमान
FAA के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त विमान ट्विन-इंजन टर्बो-फैन जेट बॉम्बार्डियर चैलेंजर 600 था. हादसे के बाद आग इतनी तेज थी कि मौके पर मौजूद आपातकालीन टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं. एक अधिकारी के अनुसार घटना स्थल पर क्रैश के तुरंत बाद काफी तेज आग की लपटे देखी गई. अभी तक यात्रियों और क्रू मेंबर्स की स्थिति को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है.
कैसे हुआ हादसा?
हादसे के समय बैंगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हल्की बर्फबारी शुरू हो चुकी थी. हालांकि, अधिकारियों ने फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया है कि मौसम इस दुर्घटना का कारण बना या नहीं. उल्लेखनीय है कि हादसे के वक्त पूरा मेन राज्य, जिसमें बैंगर शहर भी शामिल है, विंटर स्टॉर्म वॉर्निंग के दायरे में था. बैंगर मेन राज्य का तीसरा सबसे बड़ा शहर है.
कहा से आया था प्राइवेट जेट?
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह प्राइवेट जेट टेक्सास से उड़ान भरकर मेन पहुंचा था. विमान के रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड बताते हैं कि यह जेट जिस कंपनी के नाम पर दर्ज है, उसका पता ह्यूस्टन स्थित एक पर्सनल इंजरी लॉ फर्म अर्नोल्ड एंड इटकिन से मेल खाता है. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, FAA के रिकॉर्ड में यह भी सामने आया है कि यह विमान अप्रैल 2020 में सेवा में आया था.
तकनीकी खराबी या अन्य कारण
FAA ने कहा है कि इस हादसे की विस्तृत जांच नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड के साथ मिलकर की जाएगी. जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि टेकऑफ के दौरान विमान में किसी तरह की तकनीकी खराबी थी या फिर दुर्घटना किसी अन्य कारण से हुई.
जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आती, तब तक यात्रियों की पहचान और किसी संभावित हताहत को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है.


