'सुरक्षा समझौता तैयार, अब सिर्फ दस्तखत का इंतजार', जेलेंस्की ने रूस-यूक्रेन सीजफायर पर दिया बड़ा संकेत
अमेरिका ने यूक्रेन को मजबूत सुरक्षा गारंटी देने वाला ऐतिहासिक समझौता लगभग अंतिम रूप दे दिया है. सिर्फ तारीख और जगह भरनी बाकी है. जेलेंस्की ने बताया कि ज्यादातर मुद्दों पर सहमति हो चुकी है. बचे हुए बिंदुओं पर भी 1 फरवरी तक फैसला उम्मीद है.

नई दिल्ली: रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर एक अहम कूटनीतिक पहल अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है. यूक्रेन को सुरक्षा की गारंटी देने वाला अमेरिका का दस्तावेज पूरी तरह तैयार बताया जा रहा है, जिसमें अब केवल तारीख और स्थान जोड़ा जाना बाकी है. माना जा रहा है कि रविवार, एक फरवरी को इस दिशा में बड़ा फैसला हो सकता है.
संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबूधाबी में अमेरिका की मध्यस्थता में रूस और यूक्रेन के बीच होने वाली वार्ता में युद्धविराम को लेकर महत्वपूर्ण सहमति बनने की संभावना जताई जा रही है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे लंबे समय से जारी संघर्ष के थमने की उम्मीद जुड़ी है.
जेलेंस्की का दावा
लिथुआनिया की यात्रा पर पहुंचे यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि युद्ध समाप्त करने को लेकर ज्यादातर बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है. उनके अनुसार, केवल कुछ ही मुद्दे शेष हैं, जिन पर एक फरवरी को सहमति बनने की पूरी संभावना है.
जेलेंस्की के बयान से यह संकेत मिल रहा है कि दोनों पक्ष अंतिम दौर की बातचीत में प्रवेश कर चुके हैं और अब समझौते को औपचारिक रूप देने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है.
हस्ताक्षर के बाद संसदों में जाएगा समझौता
जानकारी के अनुसार, रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर के बाद यह समझौता दस्तावेज अमेरिका और यूक्रेन की संसदों में भेजा जाएगा. वहां पर इसे मंजूरी दिलाने की प्रक्रिया शुरू होगी.
संसदों से प्रस्ताव पारित होने के बाद संबंधित देशों के राष्ट्रपतियों के हस्ताक्षर किए जाएंगे. इसके बाद ही यह समझौता आधिकारिक रूप से लागू माना जाएगा.
अबूधाबी वार्ता पर टिकी वैश्विक नजर
अबूधाबी में होने वाली यह बैठक सिर्फ रूस और यूक्रेन के लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति के लिहाज से भी बेहद अहम मानी जा रही है. अमेरिका की मध्यस्थता में हो रही इस बातचीत से यह उम्मीद की जा रही है कि युद्ध रोकने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे.


