हादी को मारने वाले हत्यारे ने किया बड़ा कबूलनामा, रिश्वत और यूनुस सरकार से जोड़ा मर्डर का 'तार'

शरीफ उस्मान हादी की हत्या के मुख्य संदिग्ध फैसल करीम मसूद ने एक और वीडियो जारी किया है. 24 घंटे के अंदर जारी दूसरे वीडियो में उसने जमात पर आरोप लगाया है.

बांग्लादेश में भारत विरोधी कट्टरपंथी नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के मुख्य संदिग्ध फैसल करीम मसूद ने 24 घंटे के अंदर दूसरा वीडियो जारी किया है. दुबई में छिपे होने का दावा करते हुए फैसल ने कहा कि उसने अपनी आईटी कंपनी के सरकारी ठेकों के लिए अंतरिम सरकार के अधिकारियों से पैरवी कराने के बदले हादी को पैसे दिए थे. वह हत्या के आरोपों को पूरी तरह झूठा बता रहा है. 

दूसरे वीडियो में बड़ा दावा 

वीडियो में फैसल मसूद खुद को सॉफ्टवेयर इंजीनियर और बिजनेसमैन बताता है. उसका कहना है कि 2024 के छात्र आंदोलन के बाद उसकी कंपनी को नुकसान हुआ था. सरकारी अनुबंध पाने के लिए उसने हादी से मदद मांगी. हादी ने पांच लाख टका मांगकर आश्वासन दिया कि काम हो जाएगा. फैसल ने पैसे दिए, क्योंकि यह रकम युनुस सरकार के कार्यालयों में पैरवी के लिए थी. 

बाद में हादी ने फैसल से राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए भी मदद मांगी. 16 दिसंबर के एक आयोजन के लिए 50 स्वयंसेवकों की जरूरत बताई गई. फैसल का कहना है कि बात सिर्फ रसद और खर्च तक थी, कोई विवाद नहीं था. वह बार-बार जोर देता है कि हत्या से उसका कोई संबंध नहीं है. 

पहले वीडियो में जमात पर लगाया आरोप

पहले वीडियो में भी फैसल ने दुबई में होने का दावा किया था. उसने हत्या का इल्जाम जमात-ए-इस्लामी और उसके छात्र संगठन शिबिर पर लगाया. उसने कहा था कि हादी खुद जमात से जुड़ा था, इसलिए बदले की कार्रवाई हो सकती है. दोनों वीडियो में वह अपने और परिवार को बदले का शिकार बनने से बचाने की बात कहता है.

फैसल की कंपनी

फैसल की कंपनी वाईसीयू टेक्नोलॉजी ने 2016 में मुक्ति संग्राम पर आधारित गेम 'बैटल ऑफ 71' बनाया था. उसके पास एप्पल सॉफ्ट आईटी जैसी अन्य कंपनियां भी हैं. पहले वह शेख हसीना की अवामी लीग के छात्र संगठन छात्र लीग का सदस्य था. युनुस सरकार ने अवामी लीग और छात्र लीग दोनों पर प्रतिबंध लगा रखा है.

पुलिस का दावा 

ढाका पुलिस का कहना है कि हत्या के बाद फैसल हलुआघाट बॉर्डर से भारत भाग गया था. लेकिन दोनों वीडियो में वह दुबई में होने की बात कह रहा है. यह विरोधाभास मामले को और उलझा रहा है. 

उस्मान हादी कौन था?

शरीफ उस्मान हादी भारत विरोधी विचारों वाले कट्टरपंथी नेता था. वे 2024 के छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक था, जिसने हसीना सरकार को गिराया. इंकलाब मंच के प्रवक्ता हादी 12 फरवरी को होने वाले चुनाव के लिए भी प्रचार कर रहा था. 18 दिसंबर को मस्जिद से निकलते समय उन पर गोली चलाई गई और सिंगापुर में इलाज के दौरान मौत हो गई.  

हत्या के बाद बांग्लादेश में बड़े दंगे हुए, जिसमें भारतीय उच्चायोग और कुछ अखबारों के दफ्तरों को निशाना बनाया गया. फैसल के नए वीडियो से युनुस सरकार पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. मामला अब राजनीतिक रंग लेता दिख रहा है. जांच एजेंसियां इन वीडियो की सत्यता और फैसल की लोकेशन की पड़ताल कर रही है.

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