सिटी सेंटर्स पर कब्जा कर लो...ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस ने लोगों से की अपील, कहा-मैं आ रहा हूं

ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने देश वापसी की घोषणा की है. उन्होंने जनता से अपील की कि सड़कों के बजाय शहरों के केंद्रों पर कब्जा करें और सत्ता परिवर्तन को तेज़ करें. सेना की कार्रवाई में कई लोग मारे गए.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : ईरान में बढ़ते जनआंदोलन के बीच निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने देश लौटने की घोषणा कर दी है. उन्होंने ईरान की जनता से अपील की है कि अब केवल सड़कों पर प्रदर्शन करने से आगे बढ़कर शहरों के प्रमुख केंद्रों पर नियंत्रण स्थापित किया जाए. रजा पहलवी का कहना है कि यदि मौजूदा सत्ता व्यवस्था को चुनौती देनी है, तो विरोध को अधिक संगठित और व्यापक रूप देना होगा.

आंदोलन को और तेज करने की अपील

आपको बता दें कि पूर्व शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे रजा पहलवी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को सत्ता से हटाने के लिए केवल प्रतीकात्मक विरोध पर्याप्त नहीं है. उन्होंने लोगों से संगठित होकर शहरों के प्रशासनिक और व्यावसायिक केंद्रों पर दबाव बनाने की अपील की. उनका मानना है कि यही रास्ता सत्ता परिवर्तन की दिशा में निर्णायक साबित हो सकता है.

महंगाई और आर्थिक संकट से भड़का जनआक्रोश
ईरान में यह आंदोलन महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक बदहाली के खिलाफ शुरू हुआ था. समय के साथ यह विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप लेता चला गया. सरकार ने हालात को काबू में करने के लिए सुरक्षा बलों को सख्त कार्रवाई के आदेश दिए, जिसके बाद कई इलाकों में सेना की गोलीबारी की खबरें सामने आईं.

मौतों के आंकड़ों पर विरोधाभास
प्रदर्शनों के दौरान अब तक भारी जानमाल के नुकसान की खबरें आ रही हैं. गैर-सरकारी सूत्रों के अनुसार, इन झड़पों में लगभग 2017 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं ईरानी सरकार ने आधिकारिक तौर पर केवल 65 मौतों की पुष्टि की है. इस आंकड़ों के अंतर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.

खामेनेई की कड़ी चेतावनी
ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए मृत्युदंड तक की बात कही है. तेहरान में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी विदेशी ताकतों को खुश करने के लिए अपने भविष्य को दांव पर लगा रहे हैं. उन्होंने अमेरिका पर भी परोक्ष हमला करते हुए कहा कि बाहरी देशों को ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए.

न्यायपालिका का सख्त रुख
ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसिनी-इजेई ने भी कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी भी तरह की कानूनी नरमी नहीं बरती जाएगी और दोषी पाए जाने वालों को अधिकतम सजा दी जाएगी. इससे देश में डर और तनाव का माहौल और गहरा गया है.

ट्रंप की धमकी से बढ़ी वैश्विक चिंता
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान में प्रदर्शनकारियों पर अत्याचार और हत्याएं जारी रहीं, तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई कर सकता है. उन्होंने कहा कि संभावित हमले का मतलब जमीनी सैनिक भेजना नहीं होगा, बल्कि रणनीतिक ठिकानों पर कड़ा प्रहार किया जाएगा. वेनेजुएला पर पूर्व अमेरिकी कार्रवाई के बाद इस बयान को गंभीर संकेत के रूप में देखा जा रहा है.

सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब
एसोसिएटेड प्रेस को मिले वीडियो फुटेज में उत्तरी तेहरान के सादत आबाद इलाके में हजारों लोगों को सड़कों पर उतरते देखा गया है. प्रदर्शन के दौरान खामेनेई विरोधी नारे भी लगाए गए. यह दृश्य इस बात की गवाही देता है कि जनआंदोलन अब केवल आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सत्ता के खिलाफ खुली चुनौती में बदल चुका है.

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