वेनेजुएला पर ट्रंप के एक्शन पर लगी रोक! कांग्रेस ने शक्तियों पर लगाई पाबंदी, अपनी ही पार्टी के सांसदों ने दिया धोखा
वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई के बाद अमेरिकी सीनेट ने राष्ट्रपति ट्रंप की युद्ध शक्तियों को सीमित करने वाला प्रस्ताव आगे बढ़ाया है. रिपब्लिकन सांसदों के समर्थन से पारित इस कदम ने व्हाइट हाउस और कांग्रेस के बीच टकराव बढ़ा दिया है.

वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिका के भीतर राजनीतिक माहौल तेजी से गर्म हो गया है. इस घटनाक्रम का असर अब सीधे अमेरिकी संसद तक पहुंच गया है. अमेरिकी सीनेट ने एक अहम कदम उठाते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की युद्ध से जुड़ी शक्तियों को सीमित करने वाले प्रस्ताव को आगे बढ़ा दिया है. इस फैसले ने व्हाइट हाउस और कांग्रेस के बीच टकराव को और गहरा कर दिया है.
गुरुवार, 8 जनवरी 2026 को अमेरिकी सीनेट में हुई वोटिंग में यह प्रस्ताव बेहद कम अंतर से आगे बढ़ा. 52 सांसदों ने इसके समर्थन में और 47 ने विरोध में वोट डाला. इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वेनेजुएला के खिलाफ भविष्य में किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई से पहले राष्ट्रपति को कांग्रेस की मंजूरी लेनी होगी.
पहले भी रोके जा चुके हैं ऐसे प्रयास
यह पहला मौका नहीं है जब राष्ट्रपति की सैन्य शक्तियों को सीमित करने की कोशिश की गई हो. पिछले साल ट्रंप प्रशासन के दबाव के चलते ऐसे ही दो प्रस्ताव सीनेट में पारित नहीं हो पाए थे. नवंबर में जब यह प्रस्ताव आखिरी बार पेश किया गया था, तब यह सिर्फ दो वोटों से गिर गया था. उस समय ट्रंप प्रशासन ने दावा किया था कि वेनेजुएला में न तो सत्ता परिवर्तन की कोई योजना है और न ही बड़े स्तर पर सैन्य हमला करने का इरादा.
लेकिन मादुरो की गिरफ्तारी के बाद कई सांसदों को यह महसूस हुआ कि कांग्रेस को पूरी और सही जानकारी नहीं दी गई थी. इस वोटिंग की सबसे अहम बात यह रही कि राष्ट्रपति ट्रंप की अपनी पार्टी रिपब्लिकन के पांच सांसदों ने डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर प्रस्ताव का समर्थन किया. वहीं, एक रिपब्लिकन सांसद मतदान के दौरान अनुपस्थित रहा.
रिपब्लिकन खेमे में भी बढ़ रही बेचैनी
इस प्रस्ताव के सह-प्रस्तावक रिपब्लिकन सीनेटर रैंड पॉल ने कहा कि अब उनकी पार्टी के भीतर भी राष्ट्रपति की असीमित सैन्य शक्तियों को लेकर चिंता बढ़ रही है. उनके अनुसार, युद्ध जैसे गंभीर फैसलों में कांग्रेस की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. इस प्रस्ताव का नेतृत्व डेमोक्रेट सीनेटर टिम केन भी कर रहे हैं. दोनों ही सीनेट की विदेश संबंध समिति के सदस्य हैं और लंबे समय से War Powers को लेकर मुखर रहे हैं.
इन रिपब्लिकन सांसदों ने दिया प्रस्ताव का साथ
प्रस्ताव के समर्थन में वोट देने वाले रिपब्लिकन सांसदों में रैंड पॉल (केंटकी), सुसन कॉलिन्स (मेन), जोश हॉले (मिसूरी), लिसा मर्कोव्स्की (अलास्का) और टॉड यंग (इंडियाना) शामिल हैं. मौजूदा समय में सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के पास 53 सीटें हैं, जबकि डेमोक्रेट्स के पास 47 सीटें हैं.
ट्रंप का तीखा पलटवार
वोटिंग के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की. उन्होंने अपनी ही पार्टी के पांचों रिपब्लिकन सीनेटरों पर तीखा हमला बोला. ट्रंप ने आरोप लगाया कि इन सांसदों ने डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर राष्ट्रपति की सैन्य शक्तियों को कमजोर करने की कोशिश की है. ट्रंप का कहना है कि इस तरह के कदम अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल सकते हैं. अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि रिपब्लिकन पार्टी को उन सीनेटरों पर शर्म आनी चाहिए जिन्होंने विपक्ष के साथ मिलकर वोट किया.


