डोनबास को विभाजित कर... रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने को लेकर ट्रंप बोले- दोनों पक्ष लड़ाई रोकें और लोगों की जान लेना बंद करें
Russia Ukraine war : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए यूक्रेन को डोनबास क्षेत्र को विभाजित करने का सुझाव दिया है. उन्होंने कहा कि शांति के लिए यूक्रेन को कुछ भूमि छोड़नी पड़ सकती है. यह बयान पुतिन और जेलेंस्की से बातचीत के बाद आया है. इसी बीच यूक्रेन ने रूस के गैस संयंत्र पर ड्रोन हमला किया, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है.

Russia Ukraine war : रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है. ट्रंप ने इस लंबे चले आ रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए सुझाव दिया है कि यूक्रेन को अपने डोनबास क्षेत्र को विभाजित करने के लिए तैयार रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि युद्ध को खत्म करने के लिए यूक्रेन को कुछ जमीन त्यागनी पड़ सकती है, जिससे क्षेत्रीय तनाव को कम किया जा सके.
"जैसे बंटा हुआ है, वैसा ही रहने दें" – ट्रंप
जल्द हो सकती है ट्रंप-पुतिन मुलाकात
डोनाल्ड ट्रंप ने इस बयान से पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से भी बातचीत की थी. उन्होंने संकेत दिए हैं कि वे आने वाले सप्ताहों में हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में पुतिन से आमने-सामने मुलाकात कर सकते हैं. इस मुलाकात को लेकर कूटनीतिक हलकों में काफी उत्सुकता है क्योंकि इसे युद्ध समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है.
यूक्रेनी ड्रोन हमले से रूस का गैस संयंत्र क्षतिग्रस्त
डोनाल्ड ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब यूक्रेन ने रूस के ओरेनबर्ग स्थित एक गैस प्रोसेसिंग प्लांट को ड्रोन से निशाना बनाया है. यह संयंत्र रूस की सरकारी कंपनी गजप्रोम के अधीन आता है और विश्व के सबसे बड़े गैस शोधन केंद्रों में से एक है. हमले के बाद संयंत्र के एक हिस्से में भीषण आग लग गई, जिससे कजाकिस्तान से आने वाली गैस की प्रोसेसिंग प्रक्रिया पूरी तरह से ठप हो गई है. रूस ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे ऊर्जा आपूर्ति पर हमला बताया है.
यूक्रेन के पलटवार तेज, ट्रंप ने चेताया
हाल ही में फॉक्स न्यूज को दिए गए एक इंटरव्यू में ट्रंप से पूछा गया कि क्या पुतिन यूक्रेन से कोई इलाका लिए बिना युद्ध समाप्त करने को तैयार होंगे? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि "हां, वह कुछ हिस्सा तो लेंगे." उन्होंने अमेरिका की विदेश नीति पर तंज कसते हुए कहा कि "हम एकमात्र ऐसे देश हैं जो युद्ध जीतकर भी पीछे हट जाते हैं." वहीं दूसरी ओर, यूक्रेन ने रूस पर जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बना रहा है.
क्या यह शांति की शुरुआत है या नया विवाद?
ट्रंप का यह बयान जहां एक ओर युद्धविराम की संभावना को लेकर नई उम्मीद जगाता है, वहीं दूसरी ओर यह भी सवाल खड़े करता है कि क्या यूक्रेन अपनी ज़मीन का कोई हिस्सा छोड़ने के लिए तैयार होगा? कूटनीतिक हलकों में यह बहस तेज हो गई है कि क्या डोनबास क्षेत्र को स्थायी रूप से बांट देना ही इस युद्ध को खत्म करने का वास्तविक उपाय है. हालांकि यूक्रेन की ओर से अभी इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.
जंग खत्म या राजनीतिक समर्पण?
रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष अब अपने नाजुक मोड़ पर पहुंच गया है. डोनाल्ड ट्रंप का बयान कई दृष्टिकोणों से अहम है, लेकिन यह भी उतना ही विवादास्पद है क्योंकि इससे यूक्रेनी संप्रभुता पर सवाल उठते हैं. आने वाले हफ्तों में ट्रंप और पुतिन की संभावित मुलाकात इस युद्ध की दिशा तय कर सकती है.


