नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर ट्रंप की दिलचस्पी पुरानी, एपस्टीन फाइलों में भी हुआ जिक्र

एपस्टीन फाइल्स में सामने आए ईमेल्स ने एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप के नोबेल शांति पुरस्कार के प्रति झुकाव को सुर्खियों में ला दिया है. दस्तावेजों में इस बात का उल्लेख है कि ट्रंप के करीबी को भेजे गए संदेश में नोबेल समिति से जुड़ी दोस्ती का जिक्र किया गया था.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नोबेल शांति पुरस्कार के प्रति आकर्षण लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है. हाल ही में सामने आए दस्तावेजों में इस रुचि का उल्लेख फिर से सामने आया है. अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी की जा रही एपस्टीन फाइलों में ट्रंप के इस पुरस्कार के प्रति लगाव का जिक्र मिलता है.

इन दस्तावेजों में एक ईमेल का उल्लेख है, जिसमें बदनाम फाइनेंशर जेफ्री एपस्टीन ने ट्रंप के करीबी सहयोगी को लिखा था कि यदि ट्रंप को पता चले कि नोबेल समिति का चेयरमैन वहां रुका हुआ है, तो "डोनाल्ड का सिर फट जाएगा अगर उसे पता चले कि तुम अब उस व्यक्ति के दोस्त हो जो सोमवार को नोबेल शांति पुरस्कार का फैसला करेगा."

एपस्टीन और नोबेल समिति के पूर्व अध्यक्ष के संबंध

जारी फाइलों से यह सामने आया है कि एपस्टीन ने नोबेल शांति पुरस्कार समिति के पूर्व अध्यक्ष थॉरबोर्न यागलैंड के साथ अपने संबंधों का उपयोग कई प्रभावशाली व्यक्तियों से संपर्क बढ़ाने में किया. यागलैंड 2009 से 2015 तक समिति के प्रमुख रहे थे.

दस्तावेजों के अनुसार, एक नॉर्वेजियन राजनयिक ने एपस्टीन की मुलाकात यागलैंड से करवाई थी. यही राजनयिक इजरायल और फिलिस्तीन के बीच हुए ओस्लो समझौता के लिए जाने जाते हैं.

फाइलों में हजारों बार आया नाम

एपस्टीन से जुड़ी फाइलों में यागलैंड का नाम कई हजार बार दर्ज है. हालांकि उपलब्ध दस्तावेजों में यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि किसी विशेष व्यक्ति के लिए पुरस्कार की लॉबिंग की गई थी. लेकिन इतना जरूर संकेत मिलता है कि एपस्टीन ने यागलैंड से निकटता का हवाला देकर कई बड़े नामों से संपर्क मजबूत किए.

रिपोर्ट्स के अनुसार, 2010 में एपस्टीन ने एक ईमेल में उल्लेख किया था कि उसने यागलैंड को न्यूयॉर्क और पेरिस स्थित अपनी संपत्तियों में ठहरने की व्यवस्था की थी.

ट्रंप के करीबी को भेजा गया ईमेल

2018 में एपस्टीन ने ट्रंप के सहयोगी स्टीव बैनन को एक ईमेल भेजा, जिसमें ट्रंप के नोबेल पुरस्कार के प्रति झुकाव का जिक्र किया गया. इसी मेल में उसने लिखा, "डोनाल्ड का सिर फट जाएगा अगर उसे पता चले कि तुम अब उस व्यक्ति के दोस्त हो जो सोमवार को नोबेल शांति पुरस्कार का फैसला करेगा."

प्रभावशाली हस्तियों से संपर्क की कोशिश

एपस्टीन ने यागलैंड के नाम का उपयोग कर कई प्रमुख हस्तियों से संपर्क साधने का प्रयास किया. उसने व्हाइट हाउस की पूर्व कानूनी सलाहकार कैथी रूमलर को मेल भेजते हुए लिखा, "नोबेल शांति पुरस्कार के प्रमुख मिलने के लिए आ रहे हैं, क्या आप जुड़ना चाहेंगी?"

इसी तरह उसने लैरी समर्स को भी संदेश भेजा, जिसमें लिखा, "नोबेल शांति पुरस्कार के प्रमुख मेरे यहां ठहरे हुए हैं, अगर आपकी रुचि हो." 2014 में बिल गेट्स को भेजे गए एक ईमेल में एपस्टीन ने बताया कि यागलैंड को काउंसिल ऑफ यूरोप के प्रमुख के रूप में दोबारा चुना गया है. इसके जवाब में गेट्स ने लिखा, "मेरा ख्याल है कि उनकी शांति पुरस्कार समिति की भूमिका भी अब अनिश्चित होगी?"

यागलैंड के कार्यकाल में दिए गए पुरस्कार

यागलैंड के अध्यक्ष रहते हुए 2009 में बराक ओबामा और 2012 में यूरोपीय संघ को नोबेल शांति पुरस्कार प्रदान किया गया था. एपस्टीन फाइल्स में नाम आने के बाद यागलैंड पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं, जिनकी जांच नॉर्वे की आर्थिक अपराध इकाई कर रही है.

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