ईरान में उग्र प्रदर्शन पर ट्रंप ने दी चेतावनी, कहा- जरूरत पड़ी तो अमेरिका आगे आएगा
ईरान में महंगाई और आर्थिक संकट के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं. झड़पों में मौतों के बीच ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को नुकसान हुआ तो अमेरिका उनके समर्थन में कदम उठाएगा.

ईरान में जारी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने ईरानी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों को नुकसान पहुंचाया गया, तो अमेरिका उनके समर्थन में कदम उठाने के लिए तैयार है.
ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि अमेरिका पूरी तरह सतर्क है और जरूरत पड़ने पर आगे बढ़ने के लिए तैयार है. हालांकि उन्होंने किसी तरह की सैन्य कार्रवाई का सीधे तौर पर जिक्र नहीं किया, लेकिन उनका बयान साफ संकेत देता है कि अमेरिका ईरान की स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है.
आर्थिक संकट से भड़के लोग
ईरान में यह विरोध प्रदर्शन रविवार को शुरू हुए, जब राजधानी तेहरान में व्यापारियों और आम नागरिकों ने सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया. देश में मुद्रा के मूल्य में भारी गिरावट, बढ़ती महंगाई और रोजगार की कमी से लोग लंबे समय से परेशान हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार दिसंबर महीने में महंगाई दर 42 प्रतिशत से ज्यादा पहुंच चुकी है, जिससे आम लोगों का जीवन बेहद मुश्किल हो गया है. इसी नाराजगी ने प्रदर्शन का रूप ले लिया.
छात्रों की एंट्री से आंदोलन हुआ तेज
मंगलवार को हालात उस समय और बिगड़ गए, जब देश के कम से कम दस विश्वविद्यालयों के छात्र भी विरोध में शामिल हो गए. छात्रों के समर्थन से आंदोलन को और मजबूती मिली और कई शहरों में प्रदर्शन फैल गए. स्थिति को देखते हुए कई इलाकों में बाजार बंद कर दिए गए हैं. सरकार ने ठंड और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए छुट्टी की घोषणा की, जिससे सरकारी कामकाज और जनजीवन काफी हद तक ठप हो गया.
झड़पों में मौतें, हिंसा के आरोप
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में अब तक कम से कम सात लोगों की मौत हो चुकी है. कई जगहों पर हालात हिंसक हो गए, जहां पुलिस पर पत्थर फेंके गए और कुछ वाहनों में आग भी लगाई गई. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, कुछ लोगों ने भीड़ का फायदा उठाकर हिंसा फैलाने की कोशिश की. अधिकारियों का दावा है कि बाद में कई संदिग्धों से हथियार भी बरामद किए गए.
सरकार की नरमी दिखाने की कोशिश
राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के नेतृत्व वाली नागरिक सरकार ने हालात को शांत करने के लिए संवाद का संकेत दिया है. राष्ट्रपति ने एक टीवी कार्यक्रम में कहा कि अगर जनता की रोजमर्रा की जरूरतों को नजरअंदाज किया गया, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि आर्थिक समस्याओं का समाधान जरूरी है, वरना सरकार को जनता के गुस्से का सामना करना पड़ेगा.
प्रतिबंधों और तनाव का असर
ईरान की अर्थव्यवस्था लंबे समय से अमेरिकी और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों से दबाव में है. परमाणु कार्यक्रम को लेकर लगाए गए इन प्रतिबंधों ने देश की वित्तीय स्थिति कमजोर कर दी है. इसके अलावा हाल ही में इज़राइल के साथ हुए 12 दिनों के संघर्ष ने हालात और बिगाड़ दिए हैं. क्षेत्रीय तनाव और आर्थिक दबाव के चलते सरकार के सामने चुनौतियां लगातार बढ़ती जा रही हैं.


