मिडिल ईस्ट में होगी तबाही! ट्रंप में बदला बाइडेन का फैसला, इजरायल को बम भेजने का रास्ता हुआ साफ

US-Israel Relation: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल को 2,000 पाउंड वजनी बम भेजने पर लगी रोक हटा दी है. इससे मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तबाही की आशंका बढ़ गई है. जहां दुनिया शांति की उम्मीद कर रही थी, वहीं इस फैसले ने क्षेत्रीय तनाव को और गहरा दिया है.

Shivani Mishra
Edited By: Shivani Mishra

US-Israel Relation: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल को 2,000 पाउंड वजनी बम भेजने पर रोक हटाने का फैसला लिया है, जिसे पहले जो बाइडेन प्रशासन ने लागू किया था. इस कदम से मिडिल ईस्ट में बड़े पैमाने पर तबाही की आशंका बढ़ गई है. जहां एक तरफ पूरी दुनिया इजरायल और हमास के बीच शांति समझौते की उम्मीद लगाए बैठी थी, वहीं ट्रंप के इस फैसले ने क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाने की संभावना पैदा कर दी है.

जो बाइडेन ने इजरायल और हमास के बीच जारी संघर्ष में असैन्य लोगों की जान-माल की रक्षा के लिए इस बम की आपूर्ति पर रोक लगाई थी. हालांकि, ट्रंप ने सत्ता संभालते ही इस रोक को खत्म कर दिया है. युद्ध विराम की पहली शर्तों के बीच यह कदम मिडिल ईस्ट में फिर से अशांति का कारण बन सकता है.

बाइडेन ने क्यों लगाई थी रोक?

पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इजरायल को इन भारी बमों की आपूर्ति पर रोक इसलिए लगाई थी ताकि गाजा में चल रहे युद्ध में असैन्य नागरिकों की मौत को कम किया जा सके. इजरायल और हमास के बीच वर्तमान में कमजोर युद्धविराम लागू है, जिसके तहत सैकड़ों फिलिस्तीनी कैदियों के बदले गाजा में कुछ बंधकों को रिहा किया गया था.

ट्रंप का तर्क और बम भेजने का आदेश

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने फैसले का बचाव करते हुए ट्रुथ सोशल नेटवर्क पर पोस्ट किया, "ऐसी बहुत सी वस्तुएं अब भेजी जा रही हैं, जिनका इजरायल ने भुगतान कर दिया है, लेकिन बाइडेन प्रशासन द्वारा उनकी आपूर्ति रोक दी गई थी." ट्रंप प्रशासन के एक अधिकारी ने भी गोपनीयता की शर्त पर पुष्टि की कि ट्रंप द्वारा इस पोस्ट में भारी बमों की आपूर्ति का जिक्र किया गया है.

युद्धविराम के बीच इजरायल को बमों की खेप

डोनाल्ड ट्रंप को कार्यभार संभाले हुए अभी केवल 5 दिन हुए हैं, लेकिन उन्होंने आते ही बाइडेन प्रशासन द्वारा लगाई गई रोक हटा दी है. वर्तमान में हमास और इजरायल के बीच युद्धविराम का पहला चरण ही पूरा हुआ है. बंधकों और कैदियों की अदला-बदली के बाद दूसरा चरण अभी बाकी है. ऐसे में बमों की भारी खेप भेजने से मिडिल ईस्ट फिर से एक बड़े संकट में घिर सकता है.

नेतन्याहू की सरकार ने दी चेतावनी

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की इजरायली सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर शेष बंधकों को रिहा नहीं किया गया तो हमास के खिलाफ युद्ध दोबारा शुरू कर दिया जाएगा. इस बयान और ट्रंप के फैसले के बाद क्षेत्रीय शांति प्रक्रिया पर गहरा संकट मंडराने लगा है.

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