खंडहर से शहर तक: गाजा के पुनर्निर्माण के लिए ट्रंप का 'बोर्ड ऑफ पीस', कुशनर से अजय बंगा तक दिग्गज अजय बंगा बोर्ड में शामिल

गाजा संघर्ष को खत्म करने और युद्ध से तबाह हो चुके गाजा को दोबारा खड़ा करने की दिशा में डोनाल्ड ट्रंप ने "बोर्ड ऑफ पीस" का गठन किया है, जो गाजा में प्रशासनिक क्षमता, पुनर्निर्माण, निवेश और बड़े पैमाने पर फंडिंग जैसे अहम पहलुओं पर काम करेगा.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: गाजा संघर्ष को खत्म करने और युद्ध से तबाह हो चुके गाजा को दोबारा खड़ा करने की दिशा में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा कदम उठाया है. अपनी 20-सूत्रीय शांति योजना के दूसरे चरण के तहत ट्रंप ने "बोर्ड ऑफ पीस" का गठन किया है, जो गाजा में प्रशासनिक क्षमता, पुनर्निर्माण, निवेश और बड़े पैमाने पर फंडिंग जैसे अहम पहलुओं पर काम करेगा.

व्हाइट हाउस के मुताबिक, इस बोर्ड की कमान खुद डोनाल्ड ट्रंप के हाथ में होगी. खास बात यह है कि बोर्ड में ट्रंप के दामाद जैरेड कुशनर, मार्को रुबियो के साथ-साथ भारतीय-अमेरिकी अजय बंगा, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और स्टीव विटकॉफ जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के नाम शामिल किए गए हैं.

'बोर्ड ऑफ पीस' का क्या है मकसद

"बोर्ड ऑफ पीस" का मुख्य उद्देश्य गाजा में स्थिरता बहाल कर एक आत्मनिर्भर प्रशासनिक व्यवस्था की नींव रखना है. व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड का हर एग्जिक्यूटिव सदस्य एक तय कार्य-क्षेत्र के लिए जिम्मेदार होगा. इनमें शासन-क्षमता निर्माण, क्षेत्रीय संबंध, पुनर्निर्माण, निवेश आकर्षण, बड़े फंड का प्रबंधन और पूंजी जुटाने जैसे अहम पोर्टफोलियो शामिल हैं.

रणनीति और जमीनी अमल की जिम्मेदारी सलाहकारों के पास

बोर्ड की रणनीति, प्राथमिकताओं और रोजमर्रा के कामों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए ट्रंप ने आर्ये लाइटस्टोन और जोश ग्रुएनबाम को सीनियर सलाहकार नियुक्त किया है. दोनों सलाहकारों को बोर्ड के जनादेश को नीतिगत और कूटनीतिक प्राथमिकताओं के अनुरूप जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल प्रमुख नाम

इस हाई-प्रोफाइल बोर्ड में कई दिग्गजों को जगह दी गई है, जिनमें शामिल हैं-

  • मार्को रुबियो
  • टोनी ब्लेयर
  • स्टीव विटकॉफ
  • जैरेड कुशनर
  • मार्क रोवन
  • अजय बंगा
  • रॉबर्ट गैब्रियल

ट्रंप की योजना का सबसे अहम कदम

ट्रंप की शांति योजना के दूसरे चरण में सबसे अहम कदम के तौर पर नेशनल कमेटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा (NCAG) का गठन किया गया है. इस ढांचे को और प्रभावी बनाने के लिए निकोलाय म्लादेनोव को बोर्ड का एग्जिक्यूटिव सदस्य बनाने के साथ-साथ "हाई रिप्रेज़ेंटेटिव फॉर गाज़ा" की भूमिका भी सौंपी गई है.

NCAG का काम गाजा में मूलभूत सार्वजनिक सेवाओं की बहाली, नागरिक संस्थाओं के पुनर्निर्माण और रोजमर्रा के जीवन को स्थिर करने पर केंद्रित रहेगा. इसके साथ ही यह समिति आत्मनिर्भर शासन व्यवस्था की आधारशिला रखने की दिशा में भी काम करेगी.

इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स की तैनाती

सुरक्षा मोर्चे पर गाजा में टिकाऊ और आतंक-मुक्त माहौल सुनिश्चित करने के लिए मेजर जनरल जैस्पर जेफर्स को इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स (ISF) का कमांडर नियुक्त किया गया है. उनकी जिम्मेदारियों में सुरक्षा अभियानों का नेतृत्व, व्यापक निरस्त्रीकरण में सहायता और मानवीय सहायता व पुनर्निर्माण सामग्री की सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करना शामिल होगा.

यह सुरक्षा ढांचा इस बात की गारंटी देने की कोशिश करेगा कि गाजा में पुनर्निर्माण और शासन-क्षमता निर्माण के प्रयास किसी भी तरह की हिंसा या अस्थिरता से प्रभावित न हों.

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