H-1B वीज़ा शुल्क वृद्धि पर अमेरिकी सांसदों का विरोध, ट्रंप प्रशासन से पुनर्विचार की मांग

H-1B visa: अमेरिका में ट्रंप प्रशासन द्वारा एच-1बी वीज़ा शुल्क 1 लाख डॉलर करने के फैसले का रिपब्लिकन और डेमोक्रेट सांसदों ने विरोध किया है. सांसदों ने चेतावनी दी है कि यह नीति अमेरिकी नवाचार, प्रतिस्पर्धा और छोटी कंपनियों के विकास को नुकसान पहुंचा सकती है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

H-1B visa: अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा एच-1बी वीज़ा के नए आवेदनों पर शुल्क को 1 लाख डॉलर तक बढ़ाने के फैसले ने सत्तारूढ़ रिपब्लिकन और विपक्षी डेमोक्रेट, दोनों दलों के सांसदों को एकजुट कर दिया है. सांसदों ने इस नीति का विरोध करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप से इसे वापस लेने या पुनर्विचार करने की मांग की है. उनका कहना है कि यह कदम अमेरिका की नवाचार क्षमता और प्रतिस्पर्धा की भावना को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है.

21 अक्टूबर को व्हाइट हाउस और वाणिज्य विभाग को भेजे गए एक संयुक्त पत्र में दोनों दलों के सात सांसदों ने इस फैसले पर नाराजगी व्यक्त की. पत्र में कहा गया कि इतना भारी शुल्क खासतौर पर स्टार्टअप्स और छोटी कंपनियों के लिए नुकसानदायक साबित होगा, क्योंकि वे बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों की तरह इस आर्थिक बोझ को नहीं उठा सकतीं. कई ऐसी कंपनियां अभी मुनाफे के शुरुआती चरण में हैं, जिन पर यह नीति प्रतिकूल असर डाल सकती है.

अमेरिकी कंपनियों को सीधी टक्कर

सांसदों ने अपने पत्र में लिखा कि नया शुल्क नवाचार आधारित स्टार्टअप्स को हतोत्साहित करेगा और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाओं को अमेरिका आने से रोकेगा. उन्होंने आगाह किया कि अगर अमेरिकी कंपनियों को कुशल विदेशी कर्मचारी नहीं मिल पाए, तो ये प्रतिभाशाली लोग भारत, चीन, यूरोप या इजरायल जैसे देशों में जाकर ऐसे उद्यम शुरू कर सकते हैं जो भविष्य में अमेरिकी कंपनियों को सीधी टक्कर देंगे.

यह फैसला ट्रंप प्रशासन की उस योजना के तहत लाया गया है, जिसमें एच-1बी वीज़ा कार्यक्रम की समीक्षा और निगरानी कड़ी करने का प्रस्ताव है. हालांकि, यह नीति फिलहाल कानूनी विवादों में फंसी हुई है. अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स ने इस शुल्क वृद्धि के खिलाफ अदालत में मुकदमा दायर किया है, जिसकी सुनवाई जारी है.

रिपोर्टों के मुताबिक, राष्ट्रपति को भेजे गए इस पत्र पर कैलिफोर्निया के सांसद सैम लिकार्डो और जे ओबरनोल्टे, फ्लोरिडा की सांसद मारिया एल्विरा सलाजार, नेब्रास्का के डॉन बेकन, वर्जीनिया के सुहास सुब्रमण्यम और एरिजोना के ग्रेग स्टैंटन समेत सात सांसदों के हस्ताक्षर हैं.

एच-1बी वीज़ा कार्यक्रम में सुधार की जरूरत

पत्र में सांसदों ने लिखा कि हम मानते हैं कि एच-1बी वीज़ा कार्यक्रम में सुधार की जरूरत है, लेकिन मौजूदा निर्णय अमेरिकी नियोक्ताओं के लिए गंभीर समस्याएं खड़ी करेगा और देश की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को कमजोर करेगा. उन्होंने ट्रंप प्रशासन से आग्रह किया कि आव्रजन सुधार को द्विदलीय सहयोग के साथ आगे बढ़ाया जाए ताकि यह निर्णय अमेरिकी अर्थव्यवस्था और नवाचार प्रणाली के हित में हो.

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