US ट्रेजरी सेक्रेटरी बेसेंट ने भारत-EU डील को ‘निराशाजनक’ बताया, कहा- यूरोप ने यूक्रेन से ज्यादा भारत के साथ व्यापार को महत्व दिया

भारत और यूरोपीय संघ ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर दस्तखत किए, जिसे अब सभी डील्स की मां का खिताब मिल गया है. यह मेगा डील दोनों तरफ व्यापार को सुपरचार्ज करेगा, निवेश बढ़ाएगा और लाखों नौकरियों के नए रास्ते खोलेगा.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

नई दिल्ली: अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने भारत-यूरोपीय संघ के बीच हुए हालिया मुक्त व्यापार समझौते को लेकर यूरोप पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि भारत के साथ व्यापारिक समझौते की बातचीत के चलते यूरोप अमेरिका के साथ टैरिफ मोर्चे पर खड़ा होने को तैयार नहीं हुआ, जो निराशाजनक है.

मीडीया को दिए एक इंटरव्यू में बेसेंट ने आरोप लगाया कि यूरोप रूसी तेल से बने भारत के रिफाइंड उत्पाद खरीद रहा है और इसी कारण भारत पर ऊंचे अमेरिकी टैरिफ का समर्थन नहीं किया. उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन को लेकर यूरोप की बयानबाजी और उसके व्यापारिक फैसलों में विरोधाभास दिखता है.

भारत-EU व्यापार समझौते पर अमेरिकी नाराजगी

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने बुधवार को भारत-EU व्यापार समझौते पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यूरोप का रुख उन्हें निराश करता है. उन्होंने कहा कि उन्हें यूरोप को वही करना चाहिए जो उनके लिए सबसे अच्छा हो, लेकिन मैं आपको बता दूं, मुझे यूरोपीय लोग बहुत निराशाजनक लगे. जब उनसे पूछा गया कि क्या यह डील अमेरिका के लिए खतरा है.

रूसी तेल और रिफाइंड उत्पादों का आरोप

बेसेंट ने इंटरव्यू में यह भी आरोप लगाया कि यूरोप भारत में रूसी तेल से बने रिफाइंड उत्पाद खरीद रहा है. उनके अनुसार, इसी वजह से यूरोपीय संघ भारत पर लगाए गए अमेरिकी टैरिफ का समर्थन करने को तैयार नहीं था.

टैरिफ पर अमेरिका-यूरोप में मतभेद

उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पिछले साल रूसी तेल की खरीद का हवाला देते हुए भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए थे. इसके उलट, यूरोप ने भारत पर समान टैरिफ लगाने से इनकार कर दिया क्योंकि वह भारत के साथ व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा था. बेसेंट ने कहा कि यूरोपीय लोग हमारे साथ शामिल होने को तैयार नहीं थे, और पता चला कि ऐसा इसलिए था क्योंकि वे यह व्यापार समझौता करना चाहते थे.

यूक्रेन मुद्दे पर यूरोप पर तंज

यूरोप की नीति पर सवाल उठाते हुए बेसेंट ने कहा कि इसलिए जब भी आप किसी यूरोपीय को यूक्रेनी लोगों के महत्व के बारे में बात करते हुए सुनें, तो याद रखें कि वे यूक्रेनी लोगों से पहले व्यापार को प्राथमिकता देते हैं.  उनके इस बयान ने यूक्रेन युद्ध और वैश्विक व्यापार के बीच संतुलन को लेकर बहस को और तेज कर दिया है.

भारत-EU मुक्त व्यापार समझौता

भारत और यूरोपीय संघ ने मंगलवार को एक हीस्टोरिक मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया. यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे द मदर ऑफ डील्स बताया. इस समझौते के तहत EU सात वर्षों में मूल्य के हिसाब से भारत के 99 प्रतिशत निर्यात पर टैरिफ खत्म करेगा.

भारतीय निर्यात को बड़ी राहत

समझौते के अनुसार, EU $33 अरब मूल्य के श्रम-प्रधान उत्पादों जैसे वस्त्र, चमड़ा, जूते, रत्न और गोल्ड पर शुल्क में कटौती करेगा, जो समझौते के साइन होते ही प्रभावी हो जाएगी.

यूरोपीय निर्यात पर भारत की रियायतें

वहीं भारत भी EU के 96.6 प्रतिशत निर्यात पर टैरिफ घटाएगा. रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग एक-तिहाई कटौतियां समझौते के 2027 की शुरुआत में लागू होते ही प्रभावी होंगी.

भारत-EU शिखर सम्मेलन और कूटनीतिक संकेत

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन को भारत-EU शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेजबानी दी. दोनों नेता भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि भी रहे.

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