बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा जारी, एक और हिंदू को भीड़ ने खंभे से बांधकर पीटा, हालत नाजुक
बांग्लादेश के टोंगी इलाके में चोरी के शक में एक हिंदू भिखारी को भीड़ ने बेरहमी से पीटा. इससे पहले खोकोन दास की मौत हो चुकी है. इन घटनाओं से अल्पसंख्यक हिंदुओं में भय और असुरक्षा बढ़ी है.

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा और अत्याचार की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. ताजा मामला गाजीपुर जिले के टोंगी इलाके का है, जहां चोरी के शक में एक गरीब भिखारी को भीड़ ने बेरहमी से पीट दिया. यह घटना न केवल इंसानियत को शर्मसार करती है, बल्कि वहां रह रहे हिंदुओं की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है.
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को टोंगी इलाके में कुछ लोगों ने एक भिखारी पर चोरी का आरोप लगाया. बिना किसी ठोस सबूत के, भीड़ ने उस व्यक्ति को पकड़ लिया और पहले उसकी जमकर पिटाई की. इसके बाद उसे एक खंभे से बांध दिया गया और फिर भी मारपीट जारी रखी गई. पीड़ित की पहचान सुमन के नाम से हुई है, जिसकी हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है. उसे गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
पुलिस जांच में सामने आई अहम बातें
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सुमन एक भिखारी है और उसका किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि से कोई पुराना रिकॉर्ड नहीं मिला है. वह अपनी पूरी पहचान बताने की स्थिति में भी नहीं है, क्योंकि उसकी हालत गंभीर बनी हुई है.
शुरुआती जानकारी के अनुसार, वह सड़कों पर रहने वाला एक हिंदू युवक है, जो भीख मांगकर अपना जीवन यापन कर रहा था. पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
खोकोन दास की इलाज के दौरान मौत
इससे पहले खोकोन दास नामक एक बांग्लादेशी हिंदू व्यक्ति पर भी भीड़ ने जानलेवा हमला किया था. उस पर पहले चाकू से वार किया गया और फिर उसे जिंदा जलाने की कोशिश की गई. अपनी जान बचाने के लिए खोकोन तालाब में कूद गया था, लेकिन गंभीर रूप से झुलसने के कारण उसकी हालत बिगड़ती चली गई. शनिवार को ढाका के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
बंगाल बीजेपी ने दी प्रतिक्रिया
खोकोन दास की मौत के बाद पश्चिम बंगाल बीजेपी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी. पार्टी ने कहा कि दीपू चंद्र दास के बाद अब खोकोन दास की भी मौत हो गई है. पोस्ट में यह भी कहा गया कि ये घटनाएं बंगाल और बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति को लेकर गहरी चिंता पैदा करती हैं. पार्टी ने पिछले साल मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा का भी जिक्र किया, जहां हरगोबिंद दास और चंदन दास की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी.
लगातार बढ़ रही असुरक्षा की भावना
इन घटनाओं ने बांग्लादेश में रह रहे हिंदू समुदाय के बीच डर और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है. मानवाधिकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है. बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि हालात गंभीर हैं और तुरंत ठोस कदम उठाने की जरूरत है.


