हम हैरान हैं...शेख हसीना के यूनुस सरकार के खिलाफ भाषण पर भड़का बांग्लादेश, कहा- लोगों और सरकार का अपमान किया
अगस्त 2024 के छात्र विद्रोह के बाद बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत आ गई थी. शुक्रवार को उन्होंने प्रेस क्लब को संबोधित करते हुए पहला सार्वजनिक भाषण दिया. इस दौरान हसीना ने यूनुस सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया. पूर्व PM के भाषण के बाद बांग्लादेश भड़क गया. विदेश मंत्रालय ने कहा कि हसीना खुलेआम नफरत भरा भाषण देकर हसीना ने बांग्लादेश के लोगों और सरकार का अपमान किया है.

नई दिल्ली : भारत में अपने पहले सार्वजनिक भाषण के दौरान बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मोहम्मद यूनुस और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर खुलकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि यूनुस का नेतृत्व देश में अवैध शासन चला रहा है और यदि यह सत्ता में बना रहता है तो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव असंभव होंगे. हसीना ने अपने ऑडियो संबोधन में नागरिकों से संविधान की रक्षा और धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए एकजुट होने का आह्वान भी किया.
भाषण के बाद आई विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया
12 फरवरी को डाले जाएंगे वोट
शेख हसीना की गैरमौजूदगी में ढाका की अदालत ने उन्हें उकसाने और अत्याचार में नाकाम रहने का दोषी पाया और फांसी की सजा सुनाई थी. हसीना अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व वाले विद्रोह के बाद भारत आई थीं, जिसने उनके 15 साल के शासन को समाप्त कर दिया था. बांग्लादेश में 12 फरवरी को नए नेताओं के चयन के लिए वोट डाले जाने हैं, और हसीना ने अपने संबोधन में लोगों से चुनावों को निष्पक्ष बनाने और संयुक्त राष्ट्र से पिछले घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की.
यूनुस सरकार पर जमकर हमला बोला
हसीना ने अपने भाषण में यूनुस पर जमकर आरोप लगाए और उन्हें अवैध शासन चलाने वाला बताया. उन्होंने कहा कि देश चरमपंथी, सांप्रदायिक ताकतों और विदेशी अपराधियों के हमलों से तबाह हो रहा है. इस बयान ने बांग्लादेश और भारत के बीच नए राजनीतिक और कूटनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है, जो क्षेत्रीय राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर असर डाल सकता है.


