830 मिलियन डॉलर का नुकसान...Gen Z ने हिलाया शराब उद्योग, सोशल मीडिया के दौर में क्यों बना रहे दूरी?

Gen Z, 1997-2012 की पीढ़ी, शराब कम पी रही है, स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन को प्राथमिकता दे रही है. सोबर क्यूरियस ट्रेंड, सोशल मीडिया सतर्कता और फिटनेस जागरूकता से शराब उद्योग और वैश्विक बाजार प्रभावित हो रहे हैं.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्लीः आज का दौर Gen Z यानी 1997 से 2012 के बीच जन्मी पीढ़ी का है. यह पीढ़ी न केवल तकनीक और डिजिटल दुनिया में माहिर है, बल्कि अपने जीवनशैली के तरीकों में भी पिछली पीढ़ियों से अलग सोच रखती है. जहां एक समय था कि पार्टी और दोस्तों की महफिलों में शराब और धुएं का माहौल आम बात थी, वहीं अब युवा पीढ़ी इन परंपराओं से दूर हो रही है.

शराब का कम होता सेवन 

नई जेनरेशन के इस बदलाव ने केवल व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित नहीं किया है, बल्कि शराब के वैश्विक व्यापार को भी झटका दिया है. जनवरी 2026 में प्रकाशित फोर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार, Gen Z के कम शराब पीने के रुझान के कारण शराब कंपनियों के शेयरों में लगभग 830 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मशहूर ब्रांड्स जैसे Jim Beam ने अपनी उत्पादन क्षमता घटानी पड़ी. शोध बताते हैं कि Gen Z पिछली पीढ़ियों, खासकर मिलेनियल्स, की तुलना में लगभग 20% से 30% कम शराब का सेवन करती है.

सोबर क्यूरियस नया ट्रेंड

युवाओं में ‘सोबर क्यूरियस’ या होश में रहने का ट्रेंड अब एक नया फैशन बन चुका है. शराब की बजाय युवा अब मॉकटेल्स, कम-अल्कोहल वाले ड्रिंक, विटामिन युक्त या CBD ड्रिंक को प्राथमिकता दे रहे हैं. यह सिर्फ स्वास्थ्य की चिंता नहीं है, बल्कि एक तरह की स्टाइल स्टेटमेंट भी बन गया है.

हेल्दी और मानसिक स्वास्थ्य की बढ़ती जागरूकता

शराब की खपत में कमी का सबसे बड़ा कारण है स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति बढ़ती जागरूकता. Gen Z के युवा शराब के नकारात्मक प्रभावों जैसे नींद की कमी, हैंग-एंजायटी, मानसिक असंतुलन और दीर्घकालिक स्वास्थ्य खतरों से बचना चाहते हैं. यही वजह है कि वे सामाजिक और व्यक्तिगत जीवन में शराब को कम शामिल कर रहे हैं.

सोशल मीडिया का प्रभाव

एक और महत्वपूर्ण कारण है डिजिटल और सोशल मीडिया की सतर्कता. रिपोर्ट्स के अनुसार, लगभग 49% युवा बाहर जाते समय अपने सोशल मीडिया इमेज के प्रति सतर्क रहते हैं. वे नशे में अपनी फोटो या वीडियो साझा होने से डरते हैं और इसलिए पार्टी में शराब का सेवन कम कर रहे हैं.

बदलाव का व्यापक प्रभाव

इस बदलाव का असर सिर्फ व्यक्तिगत जीवन पर ही नहीं, बल्कि शराब उद्योग और वैश्विक बाज़ार पर भी पड़ रहा है. शराब कंपनियां अब उत्पादन और मार्केटिंग रणनीतियों को बदलने पर मजबूर हैं. साथ ही, यह ट्रेंड संकेत देता है कि युवा पीढ़ी अपनी स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन को प्राथमिकता दे रही है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag