मुझे कोविड तो नहीं होगा... स्वास्थ्य मंत्री छींक पड़े तो कुछ इस तरह रोस्ट करने लगे ट्रंप
Donald Trump: वाइट हाउस में ट्रंप की दवाओं की कीमतें कम करने और फाइजर के साथ समझौते की घोषणा के दौरान स्वास्थ्य मंत्री की छींक ने माहौल को मजेदार बना दिया.

Donald Trump: वाइट हाउस में मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दवाओं की कीमतें कम करने और फाइजर के साथ प्रमुख समझौते की घोषणा के दौरान एक मजेदार घटना हुई. मीडिया को संबोधित कर रहे ट्रंप के ठीक पीछे खड़े स्वास्थ्य मंत्री रॉबर्ट एफ कैनेडी जूनियर को अचानक छींक आ गई.
ट्रंप ने अपनी बात बीच में रोकते हुए हंसते हुए कहा कि गॉड ब्लेस यू बॉबी! उम्मीद है कि मुझे अभी कोविड नहीं हुआ होगा. इसके बाद ट्रंप ने फौरन फाइजर के सीईओ अल्बर्ट बौर्ला की ओर रुख किया और कहा कि आपको पास पैक्सलोविड तो है ना? मुझे अभी तुरंत पैक्सलोविड दो!
फाइजर को 3 साल की टैरिफ छूट
अमेरिकी राष्ट्रपति ने फाइजर को दवाओं पर लगाए गए टैरिफ से 3 साल की छूट देने की घोषणा की है. इसका उद्देश्य कंपनी पर भारी आर्थिक दबाव कम करना और दवाओं की कीमतों को नियंत्रित रखना है. इस दौरान ट्रंप ने 'ट्रंपआरएक्स' नामक नई वेबसाइट का शुभारंभ किया, जहां लोग सीधे फाइजर से दवाएं मंगवा सकेंगे. इससे बिचौलियों का रोल समाप्त होगा और दवाएं किफायती कीमत पर उपलब्ध होंगी.
.@SecKennedy: *Sneezes in the Oval Office*@POTUS: "God bless you Bobby. I hope I didn't catch COVID just there."
— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) September 30, 2025
"Give me a Paxlovid immediately," he says to the CEO of Pfizer. 🤣 pic.twitter.com/IbsJy9x3Gr
ट्रंपआरएक्स: दवाओं की किफायती पहुंच
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि यह वेबसाइट संघीय सरकार के तहत चलेगी, हालांकि इसके संचालन की बारीकियों को उन्होंने स्पष्ट नहीं किया. उन्होंने जोर देकर कहा कि अब अमेरिका में दवाएं सस्ते भाव पर उपलब्ध होंगी. ट्रंप ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि ज्यादातर लोग इसे नामुमकिन मानते थे.
टैरिफ नीति और दवाओं की कीमतें
गौरतलब है कि ट्रंप ने पिछले हफ्ते ही फार्मास्यूटिकल दवाओं पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, जो 1 अक्टूबर से लागू हो गई. उन्होंने साफ किया कि जो कंपनियां अमेरिका में उत्पादन इकाइयां लगाएंगी, उन्हें यह टैरिफ नहीं चुकाना पड़ेगा.
इससे पहले जुलाई में ट्रंप ने 17 फार्मा कंपनियों को पत्र भेजकर उनकी दवाओं की कीमतें दूसरे देशों में बिकने वाली सबसे निचली दरों के बराबर करने का आदेश दिया था, जिसे उन्होंने 'मोस्ट फेवर्ड नेशन प्राइसिंग' नीति नाम दिया. ध्यान देने योग्य है कि 2024 में अमेरिका ने लगभग 233 अरब डॉलर की दवाएं और मेडिकल प्रोडक्ट्स आयात किए थे.


